➤ कई पैदल चहलकदमी करते दिखे, तो कुछ साइकिल की घंटी बजाते निकले
➤ जिला प्रशासन की अभिनव पहल को मिला जनसमर्थन, पर्यावरण बचाने का संदेश

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: शनिवार को बागेश्वर नगर में “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाया गया। जिसमें लोगों की 60 फीसदी भागीदारी रही। जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल को सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों, आमजन का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। लोगों ने निजी वाहनों के स्थान पर पैदल चलकर, साइकिल चलाकर तथा साझा परिवहन का उपयोग कर अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया।

“नो व्हीकल डे” के माध्यम से जहां एक ओर वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ईंधन पर होने वाले अनावश्यक खर्च में भी कमी आ रही है। इसके साथ ही नगर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिल रही है, जिससे लोगों का समय बच रहा है और आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित हो रहा है। पैदल चलने की आदत को बढ़ावा मिलने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी प्राप्त होंगे। लोग जिला प्रशासन की इस जनहितकारी पहल की प्रशंसा कर रहे हैं। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि “नो व्हीकल डे” अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पहल में निरंतर सहयोग बनाए रखने और इसे जनभागीदारी का सशक्त अभियान बनाने की अपील की।
सीडीओ पैदल पहुचे कार्यालय
मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी शनिवार को शहर में नो व्हीकल डे लागू होने पर अपने आवास कठायतबाड़ा से विकास भवन 4 km तक पैदल चलकर आफिस पहुंचे।
एसडीएम ने पैदल भ्रमण किया
उपजिलाधिकारी सदर प्रियंका रानी ने शनिवार को नो व्हीकल डे लागू होने पर अपनी सरकारी गाड़ी छोड़ कर नगर क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लोगो ने फीड बैक भी लिया। उन्होंने बताया कि आज पैदल चलकर 4 किमी दूर मंडलसेरा नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


