✸ कागजों में उप चिकित्सालय, वेंटिलेटर पर स्वास्थ्य सेवाएं,
✸ कांग्रेस बोली: जल्द हालात सुधरें, वरना होगा जनांदोलन


सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: भले ही कपकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकरण का आदेश जारी हो गया, लेकिन अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लायक की सुविधाएं एवं इंतजाम नहीं हैं। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है। कांग्रेस के एक दल ने अस्पताल जाकर व्यवस्थाएं देखीं, तो हालात देख आक्रोश पनपा। सात पदों में से वर्तमान में केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती हैं और वह भी जिला चिकित्सालय बागेश्वर में सेवाएं दे रहे हैं।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो व्यापक जनांदोलन होगा।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी और कुछ स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, तो उन्हें इस अस्पताल की स्थिति दयनीय हालत में मिली। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था चरमराई पाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस अस्पताल में छह स्वच्छकों की जरूरत के सापेक्ष सिर्फ एक महिला स्वच्छक कार्यरत है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर चिकित्सा अपशिष्ट और गंदगी पड़ी मिली। इसके अलावा पाया कि अस्पताल में नौ चिकित्सकों के पद सृजित हैं और इनमें से 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद शामिल हैं, मगर स्थिति यह है कि वर्तमान में केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक ही तैनात हैं और वह भी जिला चिकित्सालय बागेश्वर में सेवाएं दे रहे हैं। कांग्रेसजनों ने कहा कि 30 बेड वाले इस अस्पताल में 20 बेड का एक पूरा वार्ड कर्मचारियों के अभाव में खाली पड़ा है, जबकि अस्पताल की ओपीडी करीब दो सौ देखी गई।
पांच साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं
कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ओर कपकोट में उप जिला चिकित्सालय की घोषणा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मूलभूत व्यवस्थाएं ही संभल नहीं पा रही हैं। उनका कहना था कि केवल घोषणाओं से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं होंगी, बल्कि धरातल पर संसाधन और कार्मिक उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल भवन के सामने वर्षों से खाली पड़ी भूमि का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पिछले पांच वर्षों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।
दो लाख किमी से अधिक चल चुकी एंबुलेंस
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कपकोट ब्लॉक में संचालित दोनों एम्बुलेंस दो लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं और वर्तमान स्थिति में मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। वहीं खनन मद से मिली दो अन्य एम्बुलेंस के संचालन के लिए चालक, ईंधन और रखरखाव की समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। निरीक्षण के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने सरकार से अस्पताल में चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मियों की शीघ्र नियुक्ति कर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की।


