►► अल्मोड़ा जिले के तड़म गांव क्षेत्र में लगातार पहरा व कोशिशें रही कामयाब
►► स्वास्थ्य परीक्षण के बाद कार्बेट पार्क भेजा


सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जनपद के मोहान वन प्रभाग अंतर्गत कैमोरिया बीट अंतर्गत लंबे समय से आतंक का पर्याय बना बाघ आखिर वन महकमे ने पकड़ लिया है। पिछले करीब डेढ़ माह के भीतर इस बाघ ने तड़म गांव के दो व्यक्तियों की जान ले ली थी। इन घटनाओं के बाद से लगातार वन महकमे का पहरा चल रहा था और लगातार प्रयासों के चलते अब इस बाघ को रेस्क्यू कर लिया है, जिसे कार्बेट पार्क भेज दिया है। इससे वन विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है और सभी ने राहत की सांस ली है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि मोहान वन प्रभाग की कैमोरिया बीट अंतर्गत ग्रामसभा तड़म में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के उपरांत वन विभाग ने लगातार सघन रेस्क्यू एवं निगरानी अभियान चलाया। परिणामस्वरूप बीते सोमवार सुबह लगभग 9 बजे आतंक फैलाने वाले बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के उपरांत बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह पूर्णतः स्वस्थ पाया गया। इसके बाद बाघ को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।
मालूम हो कि 31 मार्च, 2026 की घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ड्रोन, ट्रैप कैमरे तथा गश्त के जरिये लगातार निगरानी कर रही थी। इसके अलावा सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। वन विभाग की टीम द्वारा रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग एवं सर्च ऑपरेशन लगातार संचालित किए गए। क्षेत्र में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व एवं नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों की भी सहायता ली गई। ग्रामसभा तड़म के समीप बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया, किन्तु घने जंगल एवं विषम परिस्थितियों के कारण अभियान को और तेज करते हुए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया। इस दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी लगातार सहयोग प्रदान किया गया। कॉर्बेट पार्क एवं नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया।


