👉 अल्मोड़ा में विशेष कार्यक्रम: शास्त्रीय संगीत की जादुई दुनिया में खो गए श्रोता
👉 साज-सुरों के साथ कलाकारों ने बिखेरा हुनर का जादू


सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: यहां संगीत के नामी कलाकारों की मौजूदगी में सजी साज, सुर और संगम की महफिल में श्रोता शास्त्रीय संगीत की जादुई दुनिया में खो गए। संगीत के नामी कलाकारों व हुनरमंदों ने कला के हुनर का ऐसा जादू बिखेरा कि संगीत प्रेमियों के लिए यह शाम यादगार बन गई। यह रूहानी शाम 10 मई की रही। जिसमें पूरे वातावरण में संगीत की लहरों से गुंजायमान हो गया। यह मौका था अल्मोड़ा में आयोजित’ शास्त्रीय संगीत समारोह’ का।

उल्लेखनीय है कि सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में स्थित शारदा पब्लिक स्कूल के प्रेक्षागृह में लखनऊ घराना (तबला) के ख़लीफ़ा उस्ताद आफ़ाक़ हुसैन ख़ां की स्मृति में भव्य शास्त्रीय संगीत समारोह-2026 बीते 10 मई की शाम शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। समारोह का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि उस्ताद आफाक हुसैन खां के पुत्र उस्ताद इल्मास हुसैन ख़ां और अन्य अतिथिगणों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। तदोपरांत शारदा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत से अतिथियों का स्वागत किया। वहीं उस्ताद इल्मास हुसैन खां को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम ऋतु जोशी व राजकुमार ने गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए तबले पर जुगलबंदी की एक अद्भुत प्रस्तुति दी, ये दोनों ही अल्मोड़ा के राजेंद्र सिंह नयाल और सुनील कुमार के शिष्य हैं। इनके साथ नेहा मुनगली ने हारमोनियम से संगीत की मधुर लहरों से पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इसके बाद लखनऊ की शास्त्रीय संगीत गायिका रश्मि चौधरी ने राग पूरिया कल्याण में विलम्बित बन्दिश एकताल में निबद्ध प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति के बोल- ‘आकुल नैना मोरे’ तथा द्रुत बन्दिश तीन ताल में बोल- ‘किन फल पायो प्रीत’ रहे। इस शानदार प्रस्तुति ने भी श्रोताओं का मन मोहा। तत्पश्चात मिश्र खमाज में बाल गणेश की नृत्य का स्तुति वर्णन किया गया। रश्मि चौधरी ने अपने गायन का समापन एक दादरे ‘गंगा रेती पे बंगला छवाय दा मोरे राजा’ से किया। जिसकी श्रोताओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। रश्मि के साथ तबले पर उस्ताद इल्मास हुसैन खां और हारमोनियम पर अयोध्या के दिनकर द्विवेदी, तानपुरे पर ऋतु जोशी व नेहा मुनगली ने संगत दी। समापन पर विशेष प्रस्तुति के तहत पंजाब घराने के उच्च कोटि के तबलावादक मुम्बई के पंडित योगेश समसी ने एकल तबला वादन से संगीत प्रेमियों के मन को छुआ। उन्होंने पंजाब अंग के पेशकार से वादन शुरू करते हुए कायदा, रेला, टुकड़ा, गत और चक्रदार परन इत्यादि की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। जिससे मौजूद सभी संगीत प्रेमी मंत्रमुग्ध हुए।
पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खलीफा उस्ताद आफाक हुसैन खान के पट शिष्य पंकज कुमार चौधरी, शारदा पब्लिक स्कूल के संस्थापक शेखर लखचौरा, प्रधानाचार्या विनीता लखचौरा का विशेष योगदान रहा। जिसमें अल्मोड़ा शहर के प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी राघव पंत, अशोक पांडेय, राजेंद्र सिंह नयाल और सुनील कुमार ने अथक सहयोग प्रदान किया। समारोह में मंच संचालन माधुरी कैड़ा व भास्कर साह ने किया।
गायन/संगीत से जुड़े 04 लोग सम्मानित

शास्त्रीय संगीत समारोह 2026 में संगीत की सेवा में समर्पित रहने वाले अल्मोड़ा के 04 लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें अल्मोड़ा के सरोद वादक पण्डित चंद्रशेखर तिवारी, तबला वादक व गायक निर्मल पंत, गायक एवं संगीतकार प्रभात शाह तथा गायकी के लिए जानी जाने वाली लता पाण्डेय शामिल हैं। संगीत के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियों, समर्पण और सहयोग को देखते हुए इन्हें सम्मानित किया गया।


