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सिंचाई योजनाओं की बदहाली पर फूटा गुस्सा: जिला पंचायत सदस्य ने DM को सौंपा ज्ञापन

विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

अल्मोड़ा। जनपद के विकास खंड भैंसियाछाना के अंतर्गत ग्राम सभा लिंगुड़ता और डुंगरलेख में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं के कारण क्षेत्र के किसानों में गहरा रोष है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला पंचायत सदस्य (सल्लाभाटकोट) शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपकर योजनाओं को जल्द सुचारू करने की मांग की है।

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ज्ञापन में शैलजा चम्याल ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि लघु सिंचाई विभाग, अल्मोड़ा को योजनाओं की बंदी के बारे में कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन विभाग हर बार बजट के अभाव का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेता है।

जिला पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया कि एक तरफ मुख्य सिंचाई योजनाओं के लिए बजट की कमी बताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग द्वारा नदी किनारे ऊबड़-खाबड़ हिस्सों में चेकडैम बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने इस कार्यप्रणाली को किसानों के हितों के खिलाफ बताया है।

बंजर होती हजारों नाली कृषि भूमि

सिंचाई योजनाओं के ठप होने का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। ज्ञापन के अनुसार, पानी न मिलने के कारण हजारों नाली उपजाऊ जमीन बंजर होने को मजबूर है, जिससे स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान इस स्थिति से बेहद निराश और हताश हैं।

इन प्रमुख योजनाओं की हालत है खस्ता

ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन सिंचाई योजनाओं के पूरी तरह ध्वस्त होने का जिक्र किया गया है:

  1. लिंगुड़ता-मंगलता सिंचाई योजना: पाइप लाइन ध्वस्त होने से ग्राम सभा लिंगुड़ता की लगभग 2000-3000 नाली भूमि प्रभावित है।
  2. रैयत-लिंगुड़ता सिंचाई योजना: इस योजना की गूल ध्वस्त होने के कारण लगभग 700-800 नाली भूमि को पानी नहीं मिल पा रहा है।
  3. पार की टानी सिंचाई योजना: ग्राम सभा डुंगरलेख में स्थित इस योजना की गूल क्षतिग्रस्त होने से करीब 500 नाली भूमि की सिंचाई ठप है।

शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित में इन सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाए। उन्होंने मांग की है कि विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि किसानों की आजीविका को बचाया जा सके।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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