ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर : बागेश्वर जनपद के अंतर्गत दुग नाकुरी तहसील के दर्जनों गांवों में पिछले कुछ समय से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि रविवार को भी दिनभर क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बिजली गुल रही, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती ने स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है।


तहसील के अंतर्गत आने वाले दोफाड़, नौगांव, नाघर, कमद और पढ़ाई सहित कई अन्य समीपवर्ती गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद ग्रामीणों को राहत नहीं मिली और घंटों तक आपूर्ति ठप रही। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली का आना-जाना अब नियति बन चुकी है, जिससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
ठप हुई पेयजल व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई
बिजली न होने का सीधा असर क्षेत्र की पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। लिफ्ट योजनाओं के संचालित न हो पाने के कारण गांवों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा, वर्तमान में बच्चों की पढ़ाई का सत्र जोर-शोर पर है, लेकिन बार-बार होने वाली कटौती से छात्रों का अध्ययन कार्य बाधित हो रहा है। घरेलू कामकाज और छोटे व्यवसायों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विभागीय कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी रोष
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति नियमित और सुचारू नहीं की गई, तो वे विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
प्राकृतिक आपदा को बताया जा रहा कारण
दूसरी ओर, ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बिजली बाधित होने के पीछे प्राकृतिक कारणों का हवाला दिया है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मो. अफजल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हाल ही में आए तेज अंधड़ और खराब मौसम के कारण क्षेत्र में बिजली के पोल गिर गए हैं और मुख्य लाइन के तार क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मरम्मत कार्य जारी, जल्द बहाली का आश्वासन
अधिशासी अभियंता ने कहा कि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। क्षतिग्रस्त पोल और तारों को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि प्राथमिकता के आधार पर बिजली संकट को दूर किया जाएगा।


