DNA जांच के लिए भेजा गया भ्रूण
अल्मोड़ा जेल में बंद है आरोपी, जानें पूरा मामला
CNE REPORTER, कपकोट/बागेश्वर। रिश्तों को कलंकित करने वाले एक सनसनीखेज मामले में बुधवार को पुलिस ने जिला न्यायालय के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की है। कपकोट थाना पुलिस की मौजूदगी में जिला अस्पताल की दो वरिष्ठ महिला चिकित्सकों, डॉ. रीमा उपाध्याय और डॉ. गायत्री पांगती की टीम ने एक नाबालिग पीड़िता का सुरक्षित गर्भपात कराया।
क्या है पूरा मामला ? यह हृदयविदारक घटना कपकोट थाना क्षेत्र के एक गांव की है। आरोप है कि एक कलयुगी पिता पिछले दो वर्षों से अपनी ही नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना रहा था। मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग गर्भवती हो गई और उसने आपबीती अपनी मौसी को सुनाई।
पीड़िता की मौसी ने साहस दिखाते हुए 7 अप्रैल को कपकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में आरोपी अल्मोड़ा जेल में निरुद्ध है।
FSL रिपोर्ट पर टिकी जांच पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्भपात के बाद भ्रूण को संरक्षित कर लिया गया है, जिसे डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग के लिए एफएसएल लैब भेजा जाएगा। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य और अधिक पुख्ता हो जाएंगे।
अधिकारियों के बयान:
“न्यायालय के आदेशानुसार पीड़िता का सुरक्षित गर्भपात किया गया है। भ्रूण को संरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए FSL भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही नियमानुसार अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।” — मनीष शर्मा, सीओ कपकोट
“पीड़िता का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता थी। दो डॉक्टरों की टीम ने गर्भपात की प्रक्रिया पूरी की है। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है, जिसे जल्द ही पुलिस विभाग को सौंप दिया जाएगा।” — डॉ. राजीव उपाध्याय, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी, बागेश्वर




