स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के दिए निर्देश
CNE REPORTER, गरुड़ (बागेश्वर): गरुड़ तहसील सभागार में आयोजित ‘तहसील दिवस’ के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब उप जिलाधिकारी (SDM) वैभव कांडपाल ने तीन विभागों के अधिकारियों को अनुपस्थित पाया। अधिकारियों की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया है।
लापरवाही पर सख्त रुख: ‘जवाबदेही होगी तय’
तहसील दिवस की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम वैभव कांडपाल ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
“जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण होना चाहिए। जो विभाग लापरवाही बरतेंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों की अनुपस्थिति का उठा मुद्दा
बैठक में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट गिरीश कोरंगा ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से फार्मासिस्टों के गायब रहने का गंभीर मुद्दा उठाया। हालांकि, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सपना राजपूत ने दावा किया कि सभी केंद्रों पर फार्मासिस्ट तैनात हैं।
दावों और शिकायतों के बीच के अंतर को देखते हुए एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने घोषणा की कि वे स्वयं अब स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगे ताकि धरातल पर सच्चाई का पता लगाया जा सके।
मौके पर शिकायतों का निस्तारण
तहसील दिवस के दौरान पुरानी शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की मुख्य बातें:
- त्वरित कार्रवाई: दो शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।
- अल्टीमेटम: लंबित समस्याओं को शीघ्र हल करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
- उपस्थिति: इस दौरान तहसीलदार निशा रानी, नायब तहसीलदार भूपाल गिरी और कानूनगो मोहन सिंह भाकुनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




