व्यापार मंडल का आरोप, खोला मोर्चा
CNE REPORTER, गरुड़ (बागेश्वर): जनपद के गरुड़ क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप इन दिनों विवादों के घेरे में है। पंप पर नियमों को ताक पर रखकर ईंधन वितरण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय काश्तकारों और व्यापारियों का कहना है कि जहाँ आम जनता और किसानों को अपनी जरूरतों के लिए चंद लीटर तेल जुटाना मुश्किल हो रहा है, वहीं रसूखदारों को हजारों लीटर ईंधन ड्रमों में भरकर खुलेआम सप्लाई किया जा रहा है।
मामले के अनुसार, क्षेत्र के किसान वर्तमान में कृषि कार्यों के लिए डीजल-पेट्रोल की किल्लत से जूझ रहे हैं। आरोप है कि पंप प्रबंधन द्वारा किसानों को 5 लीटर तेल देने में भी आनाकानी की जा रही है, जिससे उनके खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके विपरीत, पंप से चोरी-छिपे और कई बार खुलेआम हजारों लीटर ईंधन बड़े-बड़े ड्रमों में भरकर कहीं और सप्लाई किया जा रहा है। इस कथित अनियमितता से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष ने जताया कड़ा विरोध
इस गंभीर प्रकरण को लेकर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बबलू नेगी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पंप प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों के अनुसार काश्तकारों, होटल व्यवसायियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
“यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ जरूरतमंद तेल के लिए भटक रहे हैं और दूसरी तरफ हजारों लीटर ईंधन ड्रमों में भरकर सप्लाई किया जा रहा है। आखिर यह तेल किन लोगों को जा रहा है और इसका उद्देश्य क्या है? इसकी गहन जांच होनी चाहिए।” — बबलू नेगी, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष बबलू नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है करी कि हजारों लीटर तेल की अवैध सप्लाई की निष्पक्ष जांच हो। क्षेत्र में ईंधन वितरण के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाई जाए। कालाबाजारी और अनियमितता में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन का रुख
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) बबलू पांडे ने कहा कि यह विषय उनके संज्ञान में आया है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों के लिए निर्धारित नियमों का उल्लंघन सही नहीं है। मामले की जांच होगी।
पूर्ति अधिकारी ने कहा:
“शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि पेट्रोल पंप पर स्टॉक रजिस्टर में विसंगति या अवैध सप्लाई के प्रमाण मिलते हैं, तो पंप संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
फिलहाल, प्रशासन की ओर से जांच शुरू होने के आश्वासन के बाद क्षेत्र के काश्तकारों को उम्मीद जगी है कि उन्हें सुचारू रूप से ईंधन मिल सकेगा। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।


