HomeUttarakhandBageshwarगहराया जल संकट, खेतों की सिंचाई में पेयजल का दुरुपयोग बना मुसीबत

गहराया जल संकट, खेतों की सिंचाई में पेयजल का दुरुपयोग बना मुसीबत

बागेश्वर (सीएनई रिपोर्टर): देवभूमि के बागेश्वर जनपद में गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल को लेकर हाहाकार मचने लगा है। शीशाखानी-थापली जल परियोजना से जुड़े इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से स्थिति बेकाबू हो गई है। सबसे बुरा हाल नारायणदेव वार्ड का है, जहां बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।

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स्थानीय निवासियों ने पेयजल संकट का एक बड़ा और गंभीर कारण उजागर किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि त्योनरा गांव के कुछ लोग रात के अंधेरे में मुख्य पेयजल लाइन से छेड़छाड़ कर अपने खेतों और क्यारियों की सिंचाई कर रहे हैं।रात भर पानी खेतों में बहने के कारण सुबह के समय भंडारण टैंक खाली हो जाते हैं, जिससे मुख्य पाइपलाइनों में प्रेशर नहीं बन पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, निचले और दूरस्थ क्षेत्रों, विशेषकर नारायणदेव वार्ड में आपूर्ति ठप पड़ी है।


आम जनजीवन पर असर

पानी की किल्लत ने स्थानीय लोगों की कमर तोड़ दी है। स्थिति की गंभीरता को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  1. महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी: घर में पानी न आने के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को मीलों पैदल चलकर प्राकृतिक स्रोतों (गधेरों) से पानी ढोना पड़ रहा है।
  2. दैनिक कार्यों में बाधा: खाना बनाने, नहाने और पशुओं के लिए पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
  3. बढ़ती गर्मी का प्रकोप: पारा चढ़ने के साथ ही पानी की खपत बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति घटने से त्राहि-त्राहि मची है।

विभाग की ‘खामोशी’ पर फूटा गुस्सा

स्थानीय जनता का सबसे बड़ा आरोप जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर है। निवासियों का कहना है कि विभाग को इस समस्या और अवैध सिंचाई की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग की ढिलाई के कारण ही पानी की चोरी करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

“हम प्यासे मर रहे हैं और हमारा पीने का पानी खेतों में बहाया जा रहा है। अगर विभाग ने जल्द ही निगरानी और रोस्टर प्रणाली लागू नहीं की, तो हम सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।”व्यथित ग्रामीण, नारायणदेव वार्ड


जनहित में प्रमुख मांगें

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जल संस्थान से निम्नलिखित त्वरित कदम उठाने की अपील की है:

  • अवैध सिंचाई पर तत्काल रोक: पेयजल लाइन से सिंचाई करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • नियमित निगरानी: लाइनमैन और विभागीय अधिकारियों द्वारा रात के समय गश्त की जाए ताकि पानी की चोरी रुक सके।
  • समान वितरण प्रणाली: हर वार्ड और मोहल्ले में निर्धारित समय पर पर्याप्त दबाव के साथ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
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