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अल्मोड़ा: ग्रामीणों ने सीखी सुदर्शन क्रिया और सतत विकास के गुर

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हिमालय उन्नति मिशन द्वारा ‘श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। हिमालयी क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए, अल्मोड़ा जनपद के धामास गांव में चार दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। ‘हिमालय उन्नति मिशन’ द्वारा ‘श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन, जल, जंगल, जमीन और जानवर जैसे पंच-तत्वों के संरक्षण के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना रहा। प्रशिक्षण की एक खास विशेषता आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की प्रसिद्ध ‘सुदर्शन क्रिया’ रही।

मुख बिंदु: एक नज़र में

  • आयोजन स्थल: निहिर हिमालयन संस्थान परिसर, धामास।
  • प्रतिभागी: धामास और भकाड़ गांवों के 45 उत्साहजनक ग्रामीण।
  • मुख्य विषय: सतत विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और मानसिक स्वास्थ्य।
  • प्रशिक्षक: अंजु बहरी एवं वंदना तिवारी।

कार्यक्रम में धामास और भकाड़ गांवों से कुल 45 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे एक समावेशी सीखने का मंच बना दिया, जहां अनुभवों और विचारों का प्रभावी आदान-प्रदान हुआ।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण आयामों—जन, जल, जंगल, जमीन और जानवर—के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतिभागियों को इन तत्वों की परस्पर निर्भरता समझाते हुए हिमालयी क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक सत्र, समूह चर्चाएं और अनुभवात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों में स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। कार्यक्रम के दौरान Art of Living Foundation की प्रसिद्ध ‘सुदर्शन क्रिया’ भी सिखाई गई, जिसने प्रतिभागियों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का संचालन Anju Bahri और Vandana Tiwari द्वारा किया गया। श्रीमती अंजु बहरी ने बताया कि प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और इससे उन्हें व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिली।

चार दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों में सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त किया और उन्हें अपने दैनिक जीवन में सतत एवं सकारात्मक परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित किया। स्थानीय लोगों ने इस पहल को हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षरण और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह कार्यक्रम हिमालय उन्नति मिशन की उस प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है, जिसके तहत वह ज्ञान, कौशल और समग्र विकास के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाकर हिमालयी क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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