CNE REPORTER, देहरादून | शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले देहरादून से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ प्रेमनगर थाना क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया है। कॉलेज में पुरानी रंजिश और ‘वर्चस्व’ को लेकर हुई इस लड़ाई में एक 22 वर्षीय छात्र की जान चली गई है।
घटना सोमवार (23 मार्च) की रात की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रेमनगर के केहरी गांव में एक निजी कॉलेज के छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।

- हथियारों का प्रयोग: दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले।
- वजह: शुरुआती जांच में सामने आया है कि कॉलेज में अपनी धाक जमाने और पुरानी रंजिश को लेकर यह विवाद हुआ था।
उपचार के दौरान तोड़ा दम
इस हमले में मुजफ्फरनगर निवासी दिव्यांशु (22 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, देर रात इलाज के दौरान दिव्यांशु ने दम तोड़ दिया।
3 गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान युवराज कुमार (BBA सेकंड ईयर), मधुर खंडेलवाल (B.Tech थर्ड ईयर) और शिवम शर्मा (B.Tech थर्ड ईयर) के रूप में हुई है। तीनों छात्र प्रेमनगर क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे।
- फरार आरोपी: झगड़े में शामिल अन्य छात्रों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
“हमने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और बीटेक के तीन छात्रों को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है, उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” — प्रमोद कुमार, एसपी सिटी (देहरादून)
कैंपस में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद से प्रेमनगर और संबंधित कॉलेज कैंपस में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में गश्त बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी छात्रों के बीच बढ़ते विवादों ने क्षेत्र की शांति को भंग कर दिया है।
अब आगे क्या? पुलिस गिरफ्तार किए गए छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी साजिश में और कौन-कौन शामिल था। दिव्यांशु का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।


