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हरिद्वार: क्रिकेट विवाद में 12 साल के बच्चे की हत्या, गांव में तनाव

CNE REPORTER : हरिद्वार जनपद के रुड़की क्षेत्र में सोमवार की शाम खेल-खेल में शुरू हुई नोकझोंक ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया कि एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला गांव में क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद में एक 16 वर्षीय किशोर ने 12 वर्षीय भानु के सिर पर डंडे से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल भानु ने मंगलवार तड़के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सोमवार को पनियाला गांव स्थित डॉ. आंबेडकर पार्क में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे। हंसी-मजाक और खेल की मस्ती के बीच अचानक दो खिलाड़ियों के बीच किसी बात को लेकर बहस छिड़ गई। देखते ही देखते यह बहस उग्र हो गई। आवेश में आए किशोर ने पास पड़ा लकड़ी का डंडा उठाया और भानु के सिर पर पूरी ताकत से प्रहार कर दिया।

डंडा लगते ही भानु लहूलुहान होकर मैदान में गिर पड़ा। कुछ ही पलों में वहां चीख-पुकार मच गई। साथी बच्चों ने शोर मचाया, परिजन दौड़े-दौड़े पहुंचे और आनन-फानन में घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। मगर सिर में लगी गहरी चोट ने उसकी जिंदगी छीन ली।

डॉक्टरों के मुताबिक, भानु के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव हुआ। तमाम कोशिशों के बावजूद मंगलवार तड़के उसकी सांसें थम गईं। मासूम की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी फरार

मृतक के पिता बालेन्द्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी घर छोड़कर फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

गांव में पसरा सन्नाटा, तनाव का माहौल

भानु अपने परिवार का इकलौता दुलारा था। उसकी असामयिक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में हर चेहरा गमगीन है। लोग स्तब्ध हैं कि बच्चों के खेल में इतनी हिंसा कैसे जन्म ले सकती है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

कानूनी पहलू: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई

चूंकि आरोपी भी नाबालिग बताया जा रहा है, इसलिए उस पर बाल न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो उसे जेल की बजाय बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। पुलिस स्कूल प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी उम्र की पुष्टि कर रही है।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटनास्थल से वार में प्रयुक्त डंडे की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साथ ही, मौके पर मौजूद अन्य बच्चों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद अचानक भड़का या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी।

भानु के शव का पोस्टमॉर्टम रुड़की सिविल अस्पताल में कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों और चोट की गंभीरता की विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

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