सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। बागेश्वर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हत्या के चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। ये चारों आरोपी 31 नवंबर 2021 को कपकोट थाना क्षेत्र में हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में आरोपित थे और इन दिनों जमानत पर थे।
जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 2021 में कपकोट थाना क्षेत्र में हुई मंगला प्रसाद की संदिग्ध मौत के मामले में नामजद चार आरोपियों—कपिल सिंह, नवल सिंह, त्रिभुवन सिंह और नारायणी देवी—को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। विस्तृत जानकारी पढ़ें -
क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम के अनुसार, 31 नवंबर 2021 को कपकोट थाना क्षेत्र के चैड़ा निवासी मंगला प्रसाद की मृत्यु गांव के एक अन्य परिवार के घर में शराब के साथ कीटनाशक पदार्थ का सेवन करने के कारण हुई थी। कपकोट पुलिस ने मौके पर जाकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था।
इसके पश्चात, 2 जनवरी 2022 को मृतक की पत्नी बसंती देवी ने कपिल सिंह, नवल सिंह और त्रिभुवन सिंह के खिलाफ कपकोट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने अपने पति की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था।
कोर्ट में सुनवाई और फैसला
विवेचना (जांच) के दौरान, पुलिस ने आरोपी कपिल सिंह व त्रिभुवन सिंह की माता नारायणी देवी को भी हत्या में शामिल मानते हुए आरोपित किया था, जिससे आरोपियों की कुल संख्या चार हो गई थी।
जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में न्यायाधीश पंकज सिंह तोमर के समक्ष सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा इस दौरान दस गवाह परीक्षित कराए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह परीक्षित कराया गया।
न्यायाधीश पंकज सिंह तोमर ने सभी गवाहों के बयान और संपूर्ण पत्रावली का गहन अध्ययन करने के बाद, साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा, अजेंद्र सिंह कोरंगा एवं भोजपाल सिंह ने की।

