किसानों को बांटे ₹31.50 लाख के ब्याज रहित ऋण
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने नुमाइशखेत, बागेश्वर में सहकारिता मेले का भव्य शुभारम्भ किया। पांच दिवसीय इस मेले की थीम ‘सहकारिता से पर्वतीय कृषि’ रखी गई है।
मेले के उद्घाटन के अवसर पर, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत 27 काश्तकारों (किसानों) को कुल ₹31.50 लाख के ब्याज रहित ऋण (Interest-Free Loans) के चेक प्रदान किए। इसके अलावा, उन्होंने सहकारी समिति डंगोली और गरुड़ को माइक्रो एटीएम (Micro ATMs) भी सौंपे, जिससे सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल सुविधाएँ बढ़ेंगी।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना मेले का लक्ष्य: मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में अजय टम्टा ने कहा कि सहकारिता मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs), और पारंपरिक उत्पादों को एक व्यापक बाज़ार (Market) उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बागेश्वर जनपद कीवी उत्पादन में प्रथम स्थान पर है, साथ ही यह मत्स्य पालन, अचार-नमकीन निर्माण और तांबे के बर्तनों के निर्माण में भी अग्रणी है।
उन्होंने बताया कि इस मेले में स्थानीय कलाकारों, बच्चों और महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। कार्यशालाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें स्टार्टअप (Startups) के लिए प्रेरित किया जा सके।
आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम सहकारिता
जिलाधिकारी आशीष भटगाईं ने सहकारिता को आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि जनपद में कीवी, ट्राउट फिश, शहद (Honey) और सुगंधित पौधों का उत्पादन हो रहा है, और सहकारिता मॉडल के माध्यम से इनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ाकर आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से सहकारिता से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और थीम
उत्तराखंड सहकारिता विभाग द्वारा इस वर्ष सभी जनपदों में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, जिसका विषय “सहकारिताएँ एक बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं” है।
बागेश्वर में आयोजित इस मेले का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और अन्य ग्रामीण उद्यमियों को एक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विपणन (Marketing) कर सकें। मेले में जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी, महिला एसएचजी की भागीदारी, सहकारी बैंकों के स्टॉल और लोकनृत्य (Folk Dance) जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी जा रही हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

