सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। रविवार को राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर बागेश्वर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शहर में जुलूस निकाला और सरकार के मौन रवैये पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रधानाचार्य के पदों पर शत-प्रतिशत प्रमोशन और ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की।
शिक्षकों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने सरयू नदी में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती की पर्चियों का पिंडदान किया, जो सरकार की सीधी भर्ती नीति का प्रतीकात्मक विरोध था।
प्रोटेस्ट की शुरुआत शिव मंदिर के पास हुई, जहां शिक्षक इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद सभी शिक्षक सरयू नदी के तट पर पहुंचे।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष गोपाल दत्त पंत ने कहा, “लंबे समय से हमारी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर जल्द ही हमारी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो हम आंदोलन को और भी उग्र करेंगे।”
जिलामंत्री देवेंद्र मेहता ने कहा कि प्रमोशन और ट्रांसफर का मामला सालों से लटका हुआ है, जिससे शिक्षकों में काफी गुस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्हें जिले से लेकर राज्य स्तर तक बड़े आंदोलन करने पड़ेंगे।
इस प्रदर्शन में दीप जोशी, आलोक पांडे, कैलाश चंदोला, मिलिंद बिष्ट, हरीश भट्ट, राजू रावत, भुवन जोशी, सुरेंद्र रावल, राहुल खुल्बे, मुकेश नगरकोटी, कौस्तुभानंद, देवेंद्र कोरंगा और गुड मोहन साह समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।

