सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने से भारी तबाही मची है। कपकोट तहसील के नानकन्याली कोट के पास खाईजर तोक गांव में भूस्खलन और मलबे से कई घर पूरी तरह तबाह हो गए, जिससे दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और तीन अन्य अभी भी लापता हैं।

इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया। विधायक सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, सीडीओ आर सी तिवारी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत कार्यों में सहयोग किया।
दो परिवारों पर टूटा कहर
इस आपदा ने दो परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले परिवार में बसंती देवी (58 वर्ष) का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि उनके पति रमेश चंद्र जोशी (60 वर्ष) और बेटा गिरीश (28 वर्ष) अभी भी लापता हैं। परिवार का दूसरा बेटा पवन सुरक्षित है।
दूसरे परिवार में, पूरन जोशी (42 वर्ष) अभी भी लापता हैं, जबकि उनकी मां बचुली देवी (70 वर्ष) का शव मलबे से बरामद किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पांच लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से दो के शव मिल चुके हैं, और बाकी तीन की तलाश जारी है।

खोजबीन और राहत कार्य जारी
आपदा में सिर्फ घरों का ही नहीं, बल्कि पशुओं, खेतों, गांव की सड़कों और छोटी पुलियाओं को भी भारी नुकसान पहुँचा है। मलबे के कारण रास्ते और संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे बचाव दल को भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर डटी हुई हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर उत्तराखंड में बारिश के कहर को उजागर करती है, जहां संवेदनशील क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

