मुख्य बातें (Key Highlights) :
- SSP नैनीताल के आदेश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- कुख्यात ITI गैंग का आतंक और गुंडागर्दी पर लगा विराम
- गैंगलीडर देवेन्द्र सिंह बिष्ट समेत 04 आरोपी गिरफ्तार
- फायरिंग, तलवारबाजी, लूट और धमकाने जैसी वारदातों से लोगों में फैला था खौफ
- गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज, आगे की जांच जारी
सीएनई रिपोर्ट, हल्द्वानी
नैनीताल के एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा के कड़े निर्देशों के बाद हल्द्वानी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर में आतंक मचाने वाले कुख्यात ‘आईटीआई गैंग’ (ITI गैंग) के सरगना देवेंद्र सिंह बिष्ट समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गैंग मारपीट, फायरिंग, चाकूबाजी और लूटपाट जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत फैला रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से हल्द्वानी और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय था। इसके सदस्य जनता को डराने-धमकाने और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए जाने जाते थे। इनकी गतिविधियों से आम जनता में भय का माहौल था और इनका खुला घूमना जनहित के लिए खतरा बन गया था।

गैंगचार्ट तैयार कर की गई कार्रवाई
एसएसपी नैनीताल के निर्देशों के बाद पुलिस अधीक्षक नगर हल्द्वानी और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के निकट पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव ने इस गिरोह की पहचान की। इसके बाद गिरोह के लीडर देवेंद्र सिंह बिष्ट, आदित्य नेगी, देवेंद्र सिंह बोरा और नवीन सिंह मेहरा के खिलाफ 21 अगस्त, 2025 को गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
छापेमारी कर सभी आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी के सख्त आदेश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने आज, 22 अगस्त को शीतल होटल के पास टीपी नगर से गैंग के लीडर सहित सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य सदस्यों में आदित्य नेगी (25), देवेंद्र सिंह बोरा (22) और नवीन सिंह मेहरा (21) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इन सभी पर मानव शरीर और संपत्ति से संबंधित कई अपराधों में शामिल होने का आरोप है। मामले की आगे की जांच थानाध्यक्ष कालाढूंगी, विजय सिंह मेहता कर रहे हैं। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है।
अपराधियों का इतिहास — खौफ से कमाई रोटी
चारों आरोपी कई गंभीर मामलों में पहले भी नामजद रहे हैं। हत्या के प्रयास से लेकर अवैध हथियार और लूट जैसे अपराध इनकी ‘पहचान’ बन गए थे।
हर गिरफ्तारी के बाद कुछ दिनों की खामोशी और फिर उसी अंदाज में वापसी — यही पैटर्न था। लेकिन इस बार पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगाकर साफ कर दिया है कि वापसी का रास्ता अब बंद है।
SSP नैनीताल का साफ संदेश
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा: “नैनीताल पुलिस का उद्देश्य अपराधियों को सबक सिखाना और जनता को सुरक्षा का अहसास कराना है। गुंडागर्दी करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।”









