विभिन्न थानों में मुकदमें, इन धाराओं में हुआ मुकदमा दर्ज
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। शासन—प्रशासन और निरंकुश सत्ता के खिलाफ पत्रकारिता का संघर्ष जायज है, लेकिन यदि आरोपों की बुनियाद झूठ पर आधारित हो तो पुलिस कार्रवाई लाजमी बनती है। दरअसल आज सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर (Social media influencer) बिरजू मयाल की गिरफ्तारी हुई है। उस पर तीन अलग-अलग शिकायतकर्ताओं द्वारा गंभीर आरोपों की तहरीर दी गई। जिनमें गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, पैसों की जबरन मांग और महिलाओं से अभद्रता के मामले शामिल हैं।

बिरजू मयाल गिरफ्तार : उल्लेखनीय है कि कानून के जानकारों का कहना है कि भारतीय संविधान में स्वतंत्रता मतलब स्वच्छंदता नहीं है। यदि आप किसी पर आरोप लगा रहे हैं तो उसके लिए आपके पास पुख्ता सबूत भी होने चाहिए। यदि आप अपने आरोप सिद्ध नहीं कर पाते तो निर्दोष होते हुए भी दोषी करार दिए जाओगे।
बताना चाहेंगे कि वादी राकेश नैनवाल, निवासी ग्राम ढिकुली द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, बिरजू मयाल ने उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस पर धारा 351(3)/352 BNS के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
वादी दिनेश मेहरा, निवासी शिवलालपुर रामनगर ने तहरीर दी कि बिरजू मयाल ने 10,000 की मांग की, पैसे न देने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। इस पर धारा 308(2)/351(3) BNS दर्ज की गई।
वादिनी नीमा देवी, निवासी भरतपुरी रामनगर ने शिकायत दी कि 13 जुलाई 2025 को जब बिरजू मयाल और उसकी पत्नी में झगड़ा हुआ और उन्होंने बीच-बचाव किया, तो बिरजू मयाल ने उन्हें गाली गलौच, धमकी दी और छेड़छाड़ की। इस पर धारा 74/115(2)/351(3)/352 BNS दर्ज की गई।
इसके अतिरिक्त, बिरजू मयाल लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर किसी पर भी बिना तथ्यों के झूठे आरोप लगाकर लोगों से पैसे वसूलने व जान से मारने और डराने-धमकाने की गतिविधियों में संलिप्त था।
जांच पर पुलिस टीम द्वारा 27 जुलाई को रामपुर रोड हाइवे, मंडी गेट के पास से बिरजू मयाल पुत्र उमेद मयाल निवासी नाथूझाला कोटाबाग को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल टीम
बिरजू मयाल के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर धाराओं में आधे दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में एसआई गगन दीप, तारा सिंह राणा, राजकुमारी, कांस्टेबल अमित राणा व शेखर शामिल रहे।

