ज्यादा हो सकता है मृतकों का आंकड़ा
35 घायल, 15 हायर सेंटर रेफर
पूर्व सीएम हरीश रावत ने घटना पर उठाए सवाल
सीएनई रिपोर्टर, हरिद्वार। आस्था के केंद्र हरिद्वार के मां मनसा देवी मंदिर में आज सुबह अचानक भगदड़ मच गई। जिसके बाद श्रद्धालुओं में चीख—पुकार मची और कई लोगों की कुचले जाने से मौत हो गई। घटना सुबह करीब 8.30 की बताई जा रही है। जब यह हादसा हुआ कि वहां हजार के करीब लोगों की भीड़ थी। प्रशासन ने फिलहाल 6 की मौत की पुष्टि की है, 35 घायल हैं। जिनमें से 15 को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

आज रविवार का दिन मां मनसा देवी मंदिर में वहां आए कुछ भक्तों के लिए काल का बुलावा बन गया। बताया जा रहा है कि प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी। वीकेंड होने के चलते यहां अन्य राज्यों से भी आए भक्तों की भारी भीड़ जुटी हुई थी।
वहीं दूसरी तरफ कांवड़ मेला खत्म होने के बाद भी कई संख्या कांवड़िए मंदिर में देवी के दर्शन के लिए पहुंचे हुए थे। इसी बीच मंदिर के मुख्य सीढ़ी पैदल मार्ग पर ज्यादा भीड़ बढ़ने से भक्तों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। सीढ़ी मार्ग पर श्रद्धालु एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक सुबह 9 बजे करीब पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि मंदिर से 100 मीटर नीचे सीढ़ी पैदल मार्ग पर भगदड़ मच गई है। मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ सभी हताहत लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल लाया गया।
तो करंट की अफवाह से मची भगदड़
पुलिस के अनुसार प्रथम जांच में यह सामने आया है कि मार्ग पर करंट लगने की सूचना से भगदड़ मच गई। घटना के बाद आनन—फानन में कुल 35 घायलों को निकटवर्ती अस्पताल लाया गया था। जिसमें से 6 की मौत हो चुकी है, कई गंभीर हैं।
इधर गढ़वाल कमिश्नर रवि शंकर पांडे ने कुल 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। मौके एसडीआरएफ और पुलिस बल मौजूद है।
बिजली का तार टूटा था
यह भी पता चला है कि मनसा देवी पैदल मार्ग पर बिजली का तार टूट कर गिरा। जिसके बाद करंट फैलने का हल्ला मच गया। जिसको जहां जगह मिली वहां भागने लगा, जिस कारण यह हालात पैदा हो गए। फिलहाल मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं से खाली कर लिया गया है।
मृतकों की सूची
- आरुष पुत्र पंकज उर्फ प्रवेश, उम्र 12 वर्ष, निवासी-सौदा बरेली उत्तर प्रदेश.
- विशाल पुत्र नंदन सिंह, उम्र-19 वर्ष, निवासी धनौरी स्वार रामपुर उत्तर प्रदेश.
- विक्की पुत्र रिक्का राम सैनी, उम्र 18 वर्ष ग्राम विलासपुर थाना – विलासपुर कैमरी रोड़ नगलिया कला मजरा रामपुर उत्तर प्रदेश.
- विपिन सैनी पुत्र रघुवीर सिंह सैनी, उम्र 18 वर्ष, निवासी वसुवाखेरी काशीपुर उत्तराखंड
- वकील पुत्र भरत सिंह निवासी मीहतलवाद, जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश.
- शान्ती पानी रामभरोसे बदायूं उत्तर प्रदेश.
घायलों की सूची
- इन्द्र पुत्र महादेव निवासी रिसालू रोड़ पानीपत.
- दुर्गा देवी पत्नी श्री निर्मल, उम्र 60 वर्ष, निवासी दिल्ली.
- शीतल पुत्र, उम्र-17 वर्ष, तेजपाल निवासी रामपुर उत्तरप्रदेश.
- भूपेन्द्र पुत्र मुन्ना लाल, उम्र 16 वर्ष, जिला बदायूं.
- अर्जुन पुत्र सूरज, उम्र 25 वर्ष, निवासी सिविल लाईन मुरादाबाद उत्तर प्रदेश.
- कुमारी कृति पुत्री उमेश शाह, उम्र 6 वर्ष, मोतीहारी विहार.
- राज कुमार पुत्र निदेश शाह, उम्र 14 वर्ष, मोतिहारी विहार.
- अजय पुत्र संजय, उम्र 19 वर्ष, बडियारपुर विहार.
- रोहित शर्मा, पुत्र कमलेश शर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी जिला मैनपुरी.
- विकास पुत्र प्रेमपाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी बरेली कैण्ट उत्तर प्रदेश.
- काजल पुत्री अर्जुन, उम्र 24 वर्ष, निवासी सिविल लाईन मुरादबाद.
- अराधना कुमारी पुत्री विनोद शाह, 5 1/2 वर्ष निवासी भागलपुर विहार.
- विनोद शाह पुत्र रोहित शाह, उम्र 35 वर्ष, भागलपुर विहार.
- निर्मला पत्नी पंकज कुमार, उम्र 30 वर्ष शीशगढ़ बरेली.
- विशाल पुत्र छेदा लाल, उम्र 21 वर्ष रामपुर.
- अनुज पुत्र अर्जुन, उम्र 20 वर्ष, निवासी मुरादाबाद उत्तर प्रदेश.
- एकांक्षी पुत्री संजीव कुमार, उम्र-4 वर्ष, धामपुर उत्तर प्रदेश.
- संदीप पुत्र रमेश कुमार, उम्र-25. मुरादाबाद उत्तर प्रदेश.
- रोशन लाल पुत्र एवं पता अज्ञात.
- दीक्षा पत्नी निवासी रामपुर.
- अजय कुमार पुत्र सहदेव कुमार, उम्र 18 वर्ष, निवासी मुंगेर विहार.
- मनोज सना पुत्र भूरिया, उम्र-30 वर्ष, जिला बरेली उत्तर प्रदेश.
पूर्व सीएम हरीश रावत ने घटना पर उठाए सवाल

नीचे पढ़ें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का एक्स पर दिया गया ट्वीट —
श्री मनसा देवी मंदिर में भगदड़ और अब तक 6-7 लोगों के मरने की खबर चिंताजनक है। मां के चरणों में बहुत दुखद है। मनसा देवी मंदिर में स्थान के हिसाब से ही उड़न खटोले से ही लोग आते हैं और नियंत्रित करने के लिए लंबा मार्ग है पैदल वाला, चढ़ाई वाला मार्ग है। क्यों हम वहां आने वाली भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए? कहां पर हमसे चूक हो गई, यह देखना पड़ेगा?
मैं एक बात कहना चाहता हूं इन व्यवस्थाओं से लगे हुए लोगों से कि हमको अनुभवी अधिकारियों को ऐसे समय जब आते हैं तो उस समय उनको लगाना चाहिए, यह मलाई वाले नहीं बल्कि जो ऐसे अधिकारी जिनमें इस तरीके की क्राउड मैनेजमेंट की क्षमता हो और जो पास्ट में प्रूफ कर चुके हों उनको इन जगहों पर पोस्ट करना चाहिए।
हमारे धार्मिक स्थलों की तरफ अब आवक निरंतर बढ़ रही है और हम स्वयं भी आकृष्ट करने का प्रयास करते हैं, सरकार भी करती है, यहां तक कि मैं भी अपने फेसबुक पोस्ट या लाइव के जरिए लोगों का आवाहन् करता हूं कि हमारे धर्म स्थलों पर आइये। यह आपके आस्था के स्थल हैं और आपके लिए अच्छा प्रबंध कर रखा है तो हमें इस तरीके के मिस मैनेजमेंट प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए।
मैं सरकार से आग्रह करना चाहूंगा कि इसको एक बड़ी चेतावनी के रूप में लें। पुलिस में ऐसे दक्ष क्राउड मैनेजमेंट करने वाले अधिकारियों को और प्रशासन में भी ऐसे अधिकारियों को, ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया जाए और जो मृतक हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं जो घायल हैं, को बचाने का प्रयास होना चाहिए। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं और इनके परिवारों की मदद में शासन को आगे आना चाहिए, हमको अपनी सहृदयता प्रकट करनी चाहिए।
मां मनसा देवी सभी दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

