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बागेश्वर : जिले में हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया शौर्य दिवस

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिले में शौर्य दिवस (कारगिल विजय दिवस) हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। शहीद स्मारक पर मुख्य अतिथि दर्जाधारी शिवि सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान पुलिस जवानों ने शहीदों को सलामी भी दी।

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इसके बाद तहसील परिसर में पौध रोपे गए। मुख्य कार्यक्रम स्वराज भवन नुमाइशखेत में आयोजित हुआ, जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और संकल्प का प्रतीक है। विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्भुत वीरता का परिचय देते हुए विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

जिलाधिकारी ने बच्चों से राष्ट्रहित और समाजहित में ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी सराहना की। कार्यक्रम में कारगिल शहीद नायक राम सिंह बोरा के प्रतिनिधि कुंदन सिंह रावत को जिलाधिकारी द्वारा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इसके अतिरिक्त, क्रॉस कंट्री दौड़ में प्रतिभाग करने वाले तुषार गोस्वामी, योगेश कुमार, कोमल, अनीशा तथा निबंध व भाषण प्रतियोगिता में चेतना, कनिका, सोनाली, पवनेश, अदित्य, हिमांशु, लक्षिता, भूमिका को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें शौर्य और देश प्रेम की भावनाएं झलकीं।

इससे पूर्व, शौर्य दिवस की पूर्व संध्या पर भागीरथी मंडलसेरा बाईपास से डिग्री कॉलेज गेट तक क्रॉस कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया। साथ ही तहसील परिसर से नुमाइशखेत तक स्कूली बच्चों द्वारा प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा।

जिले से तीन सैनिकों ने कारगिल में दी शहादत

बागेश्वर। सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी आनंद गिरी ने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवानों और बागेश्वर जनपद के तीन वीर सैनिकों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने साहस व वीरता का परिचय दिया। दुश्मनों के दांत खट्टे कर कारगिल में तिरंगा लहराया था।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर एडीएम एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, दलीप खेतवाल, इंद्र सिंह, वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा, संजय साह जगाती, पूर्व सैनिकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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