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पहले खुद ही की रजिस्ट्री-दाखिल खारिज, अब तोड़ने को पोत रहे लाल निशान

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वाह रे हुक्मरान ! एक माह में दो सर्वे, दोनों रिपोर्टों में जमीन आसमान का अंतर

आवास विकास कॉलोनी, हल्द्वानी में 50 साल पुराने रजिस्ट्री दाखिल खारिज वाले बहुमंजिल घरों में लाल निशान लगने से स्थानीय लोगों में असमंजस है। जनता कह रही है कि जब तोड़ने ही थे तो उन्हें घर आवंटित ही क्यों किये, क्यों करवाई मकानों की रजिस्ट्री और दाखिल खारिज !

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। प्रदेश के मुखिया पुष्कर धामी द्वारा हल्द्वानी की जनता को स्वजन मान दिए गए नोटिस पर कोई कार्यवाही न होने के बाद अब एकाएक पुनः नाले अतिक्रमण का जिन्न बाहर आ चुका है। हद तो तब है जब जिला प्रशासन द्वारा ही लोगों को कैंप लगाकर आपत्ति सुनने का अवसर दिया गया और फिर एकाएक ही तय समय से पूर्व ही आपत्ति का निस्तारण करना छोड़ प्रशासनिक अधिकारी अब लोगों के घरों में लाल निशान लगाने पहुंच जा रहे हैं।

बीते मंगलवार को आवास विकास कॉलोनी के सैकड़ों रजिस्ट्री और दाखिल खारिज वाले घरों में भी प्रशासन के अधिकारियों ने एकाएक पहुंच कर घरों के बाहर लाल निशान लगा दिए। हद तो तब हुई जब कुछ वर्ष पूर्व नगर निगम द्वारा ही निर्माणित नाले को अब अधिकारी नाला मानने से गुरेज करने लगे और आजादी से पूर्व सन 1930 के नक्शे को आधार बनाकर आवास विकास द्वारा सन 1980 में आवंटित कॉलोनी के बीच से अब नए नाले का निर्माण करने की बात कहते दिखे।

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जिसको लेकर लोगों में खासा नाराजगी देखने को मिली। बीते चालीस साल से कॉलोनी में रह रहे हरीश सिंह ने कहा कि एक महीने के भीतर जिला प्रशासन ने ही दो बार इस नाले का सर्वे करवा दिया है। और दोनों ही सर्वे की रिपोर्टों में जमीन आसमान का अंतर है।

वहीं स्थानीय निवासी कमला देवी ने कहा कि अगर उनके भवन की रजिस्ट्री और दाखिल खारिज गलत है तो तत्कालीन जिलाधिकारी की ही संस्तुति पर ये रजिस्ट्री और दाखिल खारिज आखिर हुई कैसे और आवास विकास परिषद ने यह सरकारी कॉलोनी काटकर लोगों को भवन आवंटित आंखिर कैसे किए। उन्होंने मामले को एक गंभीर जांच का विषय बताया।

उधर, सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी वैध कागजात होने के बावजूद जिला प्रशासन सिर्फ उनका उत्पीड़न कर रहा है। जिलाधिकारी ने जब आपत्ति कैंप लगाकर अग्रिम कार्यवाही को 13 अगस्त तक का समय दिया था तो उससे पूर्व ही किसके इशारों पर अधिकारी एकाएक लोगों के रजिस्टर्ड घरों पर लाल निशान लगा आए। इस दौरान लोगों में खासा आक्रोश भी दिखा और स्थानीय लोगों ने मामले पर जल्द ही एकजुट हो विधिक लड़ाई लड़ने की बात कही।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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