सावधान: क्यूआर कोड स्केन किया, तो खाते से गायब 30 हजार, साइबर सेल के प्रयासों से धनराशि वापस

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सरकार ने लोगों से फर्जी ई-मेल और ई-नोटिस से सावधान रहने की अपील की
सांकेतिक फोटो

अल्मोड़ा, 9 अगस्त। सावधान, इनदिनों साइबर अपराधी सक्रिय हैं और नये-नये तरीकों से ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामले में एक व्यक्ति को झांसे में लेकर उसे मोबाइल पर क्यूआर कोड भेजा और स्केन करते हुए इस व्यक्ति के खाते से 30 हजार रूपये उड़ा लिये। मगर साइबर सेल अल्मोड़ा के प्रयास इस धनराशि को वापस खाते में लाने में सफल हो सकी।
मामले के मुताबिक गत 4 अगस्त 2020 को डीडीहाट, पिथौरागढ़ निवासी गोविन्द सिंह बिष्ट किसी कार्य से अल्मोड़ा से जा रहे थे, तो उन्हें पता लगा कि उनके साथ 30,000 रुपये की ठगी हो गयी। हुआ यूं कि गोविन्द सिंह बिष्ट को एक अनजान काल आई। जिसमें बात करने वाले ने श्री बिष्ट को उनके बाॅस के सरनेम व कम्पनी का हवाला दिया और 30,000 रूपये आनलाइन जमा करने को कहा। साथ ही उनके नम्बर पर एक क्यूआर कोड भेज कर स्केन के लिए कहा। श्री बिष्ट ने जैसे ही कोड स्केन किया, तो उनके खाते से धनराशि निकल गई और वह ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने तत्काल अल्मोड़ा पुलिस के साईबर सैल प्रभारी नीरज भाकुनी को सूचना दी। जिस पर त्वरित अग्रिम कार्यवाही साईबर सेल द्वारा की गई और साइबर सेल के अथक प्रयासों से गत दिवस गोविन्द सिंह के खाते में 30 हजार रूपये वापस आ गये। इससे श्री बिष्ट आर्थिक नुकसान से बच गए और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
एसएसपी ने किया सावधान:- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने जनपद वासियों को आगाह करते हुए कहा है कि साईबर अपराधी नये-नये तरीके अपना कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इनसे सर्तकता एवं जानकारी से ही बचा जा सकता है। उन्होंने कहा है कि जब आप डिजिटल माध्यम से लेन-देन करते हैं, तो ठगी की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं। श्री मीणा ने कहा है कि किसी भी अनजान काॅल पर विश्वास न करें और बैंक एकाउन्ट की निजी जानकारी शेयर न करें। किसी भी अनजान लिंक पर भी क्लिक ना करें। यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल नजदीगी थाने या साईबर सेल अल्मोड़ा को सूचित करें।


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