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Leopard Attack: घर से बाहर निकले ग्रामीण पर झपटा गुलदार, ऐसे बची जान

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✒️ मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

सीएनई रिपोर्टर। (Leopard Attack a human) अल्मोड़ा-नैनीताल जनपद की सरहद में स्थित ग्राम सभा डोबा के ग्राम सरना में मकान की छत पर घात लगाए बैठे एक गुलदार ने मकान स्वामी पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, समय रहते घर के भीतर घुस जाने से उनकी जान बच गई। वहीं, दो दिन पूर्व एक अन्य ग्रामीण के मकान की कच्ची छत को तोड़ गुलदार ने घर के भीतर दाखिल होने का प्रयास भी किया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची ओर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

Leopard terror in the border area of ​​Almora and Nainital

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Leopard Attack : प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों अल्मोड़ा व नैनीताल जनपद के सरहदी इलाके में अवस्थित गांवों में गुलदारों की जबरदस्त दहशत है। मवेशीखोर गुलदारों द्वारा न केवल पशुओं को मारा जा रहा है, बल्कि की आवाजाही इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। वन क्षेत्र को छोड़ गुलदार कई किलोमीटर की दूरी तय कर आबादी वाले क्षेत्रों में आने लगा है। अभी तक वह सिर्फ पालतू मवेशियों को शिकार बना रहा था, लेकिन अब तो इंसानों पर भी गुर्राने लगा है।

ग्रामीण पर छत से कूद पड़ा तेंदुवा (गुलदार)

वहीं, ग्राम सैंज, रेंगल, जूडकफून आदि में भी गुलदार की आवाजाही निरंतर देखी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीण यहां काफी दहशत में हैं। गत दिवस ग्राम सभा डोबा के ग्राम सरना में एक हादसा होते-होते टल गया। हुआ यूं कि यहां कन्नू तिवारी पुत्र तारा दत्त तिवारी की छत पर एक गुलदार घात लगाए बैठा था। जिसका पता उन्हें नहीं चल पाया। उन्होंने मंगलवार रात 10 बजे दरवाजा खोला और नित्य की तरह कमरे से बाहर निकल आए। जैसे ही वह आंगन में आए, छत से गुलदार ने उन पर छलांग लगा दी।

समय रहते नहीं लेते सही फैसला तो हो जाता हादसा

कन्नू तिवारी ने बताया कि जब गुलदार उन पर कूदा तो वह जमीन पर बैठ गये। जिस कारण गुलदार का वार चूक गया। फिर वह काफी हल्ला मचाते हुए वापस कमरे के भीतर दाखिल हो गए और भीतर से दरवाजा बंद कर दिया। जिसके बाद लातार हल्ला मचाया तो गुलदार वहां से भाग गया और उनकी जान किस्मत से बच गई। वहीं, ग्राम के ही मोहन राम के मकान की कच्ची छत को भी गुलदार ने भीतर दाखिल होने के प्रयास में उखाड़ दिया। जब गुलदार छत पर था तो परिजन गहरी नींद में सोए हु थे। घर पर एक पालतू कुत्ता भी था। सम्भवत: कुत्ते को लेने के लिए गुलदार घर के भीतर दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। परिजन इस बीच जाग गये और उनके द्वारा शोर मचाया गया। जिस पर गुलदार वहां से भाग निकला।

ग्राम सरना पहुंची वन विभाग की टीम

इधर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विपिन गुरूरानी ने वन विभाग को मामले की सूचना दी। जिस पर टीम ग्राम सरना पहुंची। इस दौरान कार्मिकों ने गुलदार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया व जल्द ही कार्रवाई की बात कही। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्य ने पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया। विपिन गुरूरानी ने कहा कि संयोग से जानलेवा हमले में कमल तिवारी (कन्नू तिवारी) बच गए। यदि वह तुरंत घर के भीतर दाखिल नहीं हो पाते तो घटना भयानक रूप ले सकती थी। घटना के बाद से क्षेत्र में जबरदस्त दहशत है। वन विभाग को तत्काल अग्रिम कार्रवाई करते हुए गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। इधर पूर्व ग्राम प्रधान डोबा आनंद लाल ने कहा कि गुलदार तो अब सुबह-शाम, दिन-रात दिखने लगा है। जिससे साबित हो गया है कि उसे इंसानों का खौफ कतई नहीं रहा है।

रात घर के बाहर आग जलाकर रखें : विभाग

इधर वन बीट अधिकारी रणजीत सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रात के सयम लोग अपने घरों के बाहर आग जलाकर रखें। चूंकि देखा गया है कि गुलदार आदि वन्य जीव आग से बहुत डरते हैं। यदि घर के बाद अलाव का इंतजाम रहे तो वन्य जीव पास नहीं आते हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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