HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: एक साल में सलाखों के पीछे पहुंचे सवा सौ तस्कर

अल्मोड़ा: एक साल में सलाखों के पीछे पहुंचे सवा सौ तस्कर

जिले में वर्ष 2022 में पकड़े गए 01.48 करोड़ से अधिक के मादक पदार्थ

24,971 ने नियम तोड़े और भरा 01.42 करोड़ से अधिक का अर्थदंड

चन्दन नेगी, अल्मोड़ाः पहाड़ में अपराधों का ग्राफ किस कदर बढ़ते जा रहा है, इस बात का अंदाजा पिछले एक साल में अल्मोड़ा जनपद के पुलिस आंकड़ों से आसानी से लगाया जा सकता है। पुलिस क्षेत्रांतर्गत ही जिले में एक साल में पुलिस कार्यवाही के तहत करीब 01.48 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ (चरस, गांजा, स्मैक व मदिरा) बरामद किए गए और इनकी तस्करी करते ​अल्मोड़ा जनपद में सवा सौ तस्कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिए गए हैं। दूसरी ओर नियमों को ठेंगा दिखाने वाले भी कम नहीं है। स्थिति ये है कि एक साल में नियम तोड़ने वाले करीब—करीब उतना अर्थदंड दे गए, जितनी धनराशि के मादक पदार्थ बरामद हुए हैं।

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आज अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बीते वर्ष 2022 के अपराधों की स्थिति व पुलिस कार्यवाहियों की जानकारी पत्रकारों को दी। पूरे साल में जिस कदर अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी हुई है और तस्कर पकड़े गए हैं, वह पहाड़ के लिए चिंताजनक व सोचनीय है। यह आंकड़ा तो पुलिस क्षेत्रांतर्गत के हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पूरे वर्ष के अंदर जिले में 125 नशा तस्कर दबोच कर जेल भेजे गए। इनमें गांजा, चरस, स्मैक व शराब तस्कर शामिल हैं।

मादक पदार्थ तस्करी के 30 अभियोग दर्ज

वर्ष 2022 में जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 30 अभियोग पंजीकृत हुए और इनमें 45 तस्कर गिरफ्तार किए गए। जिनसे 8.807 किलोग्राम चरस, 126.890 ग्राम स्मैक, 498 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इनके अलावा अवैध रूप से शराब तस्करी करते हुए 80 तस्कर धरे गए। सालभर में शराब तस्करी के 77 अभियोग पंजीकृत हुए। जिनसे 848 पेटी अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है।

सालभर में 01.48 करोड़ के मादक पदार्थ पकड़े

वर्ष 2022 में पुलिस ने जिले में 8,80,700 रुपये की चरस, 12,68,900 रुपये की स्मैक, 74,78,130 रुपये का गांजा तथा 51,90,607 रुपये की शराब बरामद की। जो 01.48 करोड़ से अधिक है।

नियमों को ठेंगा दिखा गए हजारों

पुलिस की लगातार चेकिंग, जागरूकता अभियान व बारम्बार कार्यवाही के बावजूद तमाम लोग हैं, जो नियमों को ठेंगा दिखाने में नहीं हिचकते हैं और जुर्माना भरते हैं। पूरे साल में यातायात नियम तोड़ने, न्यूसेंस फैलाने व सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले 24,971 लोगों के खिलाफ चालानी कार्यवाही हुई है। इनमें यातायात नियमों के उल्लंघन पर 18,894 चालान हुए और 402 वाहन सीज हो गए। इनके अलावा न्यूसेंस फैलाने व सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीते—पिलाते 4,459 चालान तथा कोटपा एक्ट के तहत 1,618 चालान हुए। इन सभी चालानों से कुल 1,42,95,100 रुपये का संयोजन शुल्क जमा किया गया। यह अर्थदंड करीब—करीब उसी के आसपास है, जितनी कीमत के मादक पदार्थ बरामद हुए हैं।

मादक पदार्थों का बढ़ता कारोबार चिंतनीय

मादक पदार्थों की पहाड़ में फलता—फूलता कारोबार काफी चिंतनीय व सोचनीय है। उक्त आंकड़े रेगुलर पुलिस क्षेत्रांतर्गत के हैं। बात यहीं पर नहीं थमती। इसके अलावा राजस्व क्षेत्र के मामले अलग होते हैं और ना जाने कितने लोग पुलिस पकड़ से बाहर हो सकते हैं, हालांकि पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार का जाल तोड़ने में जुटी है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चल रहे हैं। सर्वाधिक चिंतनीय ये है कि पहाड़ में युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ रहा है।

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