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पहचान छिपाने के लिए श्रद्धा का चेहरा जलाया था: आफताब का वाटर बिल 300

पहचान छिपाने के लिए श्रद्धा का चेहरा जलाया था: आफताब का वाटर बिल 300, जबकि 20 हजार ली. पानी फ्री; कहां खर्च किया

नई दिल्ली| दिल्ली में 27 साल की श्रद्धा के मर्डर के आरोप आफताब अमीन पूनावाला को गुरुवार को साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग करेगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस नए सुराग वाटर बिल पर आफताब से पूछताछ करना चाहती है।

आफताब के महरौली फ्लैट का 300 रुपए का वाटर बिल आया है, जबकि पड़ोसियों का बिल जीरो है। वजह यह कि दिल्ली में 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दिया जाता है। पुलिस जानना चाहती है कि आखिर आफताब ने इतना पानी कहां खर्च कर डाला।

उधर, श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स, मर्डर वेपन और मोबाइल की तलाश में लगातार तीसरे दिन महरौली के जंगलों में छानबीन की जाएगी। अब तक यहां से 13 बॉडी पार्ट्स मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच और DNA जांच के लिए भेजा गया है। 28 साल के आफताब ने 18 मई को श्रद्धा का मर्डर किया था और उसके 35 टुकड़े कर जंगल में फेंके थे।

आज का सबसे बड़ा खुलासा: आफताब ने पुलिस पूछताछ में कुबूल किया है कि उसने पहचान छिपाने के लिए श्रद्धा का चेहरा जला दिया था।

श्रद्धा मर्डर केस के बड़े अपडेट्स…

➡️ दिल्ली पुलिस आफताब का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है।
➡️ आफताब के फ्लैट से मिले ब्लड के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे है। अगर यह खून इंसान का होता है, तो पुलिस DNA मैचिंग के लिए श्रद्धा के पिता को दिल्ली बुला सकती है।

➡️ क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए पुलिस सोमवार रात आफताब को उसके फ्लैट पर ले गई थी। इसी दौरान उसके किचन में खून के ये निशान मिले।
➡️ श्रद्धा की बॉडी के मिले 13 टुकड़ों की DNA जांच होगी।

पुलिस की तलाश अभी अधूरी

अभी यह पुष्टि होनी बाकी है कि जो बॉडी पार्ट्स मिले हैं, वो श्रद्धा के ही हैं। श्रद्धा का सिर अभी तक नहीं मिला है। मर्डर वेपन और मोबाइल भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आफताब का मर्डर कनेक्शन स्थापित हो सके।

आफताब ने कुबूल किया- घर खर्च को लेकर विवाद हुआ तो कत्ल कर डाला

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में आफताब ने बताया कि 18 मई यानी मर्डर वाले दिन श्रद्धा और उसके बीच घरेलू खर्च को लेकर झगड़ा हुआ था। रोज-रोज के खर्च कौन देगा, इसे लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई थी, इसके बाद ही उसने श्रद्धा की हत्या की। वारदात के बाद आफताब ने श्रद्धा के अकाउंट से 55 हजार रुपए निकाले थे। ये खर्च उसने फ्रिज खरीदने से लेकर धारदार चाकू और कूड़ा फेंकने वाला बैग खरीदने में किए थे।

आफताब का कटे हाथ का इलाज करने वाला डॉक्टर मुख्य गवाह

जिस डॉक्टर ने मई में आफताब के कटे हुए हाथ का इलाज किया था, उसे पुलिस ने मुख्य गवाह बनाया है। बता दें कि पुलिस ने जब आफताब के फ्लैट की तलाशी ली थी तब एक डॉक्टर का पर्चा उन्हें हाथ लगा था। इसके बाद पुलिस आफताब को लेकर महरौली में डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची थी। डॉक्टर ने बताया कि ‘जब मैंने चोट के बारे में पूछा तो उसने कहा कि फल काटते समय उसका हाथ कट गया था। वह आक्रामक और बेचैन लग रहा था।

बाथरूम में लाश के 35 टुकड़े किए, खून सीवेज में बहाया

न्यूज एजेंसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से यह खबर भी दी है कि आफताब ने फ्लैट के बाथरूम में श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए थे। इस दौरान वह शॉवर चालू रखता था, ताकि बॉडी से निकला खून सीवेज में बह जाए। सूत्रों ने यह भी बताया है आफताब ने फ्रिज को केमिकल से साफ किया था, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

पुलिस के मुताबिक 28 साल के आफताब ने 18 मई को 27 साल की श्रद्धा का मर्डर कर दिया था। दोनों लिव-इन में रहते थे। आफताब ने श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए थे। इन्हें रखने के लिए 300 लीटर का फ्रिज खरीदा था। वह 18 दिन तक रोज रात 2 बजे जंगल में शव के टुकड़े फेंकने जाता था।

श्रद्धा मर्डर केस में अब तक सामने आईं नई बातें…

1- मकान मालिक ने आफताब का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाया

    28 साल के आफताब ने 15 मई को महरौली जंगल के पास फ्लैट लिया था। मकसद श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स को आसानी से ठिकाने लगाना था। एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है इस फ्लैट के मालिक ने किराया लेने के बाद आफताब का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या आफताब ने मकान लेते वक्त अपना धर्म छिपाया था?

    2- शक न हो इसलिए नौकरी पर जाता रहा, श्रद्धा का सोशल मीडिया एक्टिव रखा

      आफताब गुरुग्राम में एक कंपनी में नौकरी करता था। श्रद्धा की हत्या करने के बाद भी वो रोज नौकरी पर जाता था, ताकि किसी को शक नहीं हो। हालांकि श्रद्धा को मारने के बाद अपने फ्लैट पर वो किसी को भी नहीं आने देता था। मर्डर के बाद आफताब उसके इंस्टाग्राम प्रोफाइल और अकाउंट को अपडेट रखता था।

      उसकी लोकेशन रोज रात 2 बजे महरौली के जंगलों में मिलती थी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा- पहले तो आफताब कहता रहा कि श्रद्धा दिल्ली छोड़कर चली गई है। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूली और पूरी कहानी बताई।

      3- 10 दिन पहले मार देता, लेकिन श्रद्धा इमोशनल हो गई थी

      आफताब ने पूछताछ में बताया- श्रद्धा को 10 दिन पहले ही मार देता, लेकिन झगड़ा करने के बाद श्रद्धा इमोशनल हो गई थी। इसलिए उसने मारने का प्लान कैंसिल कर दिया। उसने कहा, ‘मैंने 11 मई को ही उसे मारने की ठान ली थी कि वह अचानक से इमोशनल हो गई और रोने लगी। इसलिए मैंने तय किया कि अब इसे किसी और दिन मारूंगा।’

      आफताब ने आगे बताया कि श्रद्धा ने फोन पर उसे किसी लड़की से बात करते हुए सुन लिया था, जिसके बाद दोनों की लड़ाई हुई थी। एक पुलिस अफसर ने कहा- आफताब वेब सीरीज और खासतौर पर क्राइम शोज देखने का आदी था। इन्हीं को देखकर उसने यह सीखा कि कैसे श्रद्धा को फैमिली और फ्रेंड्स की नजरों में जिंदा दिखाया जाए।

      4- फ्रिज में श्रद्धा का कटा हुआ सिर देखता था आफताब

      पुलिस पूछताछ में आफताब की दरिंदगी और हैवानियत की इंतहा भी सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने जिस कमरे में श्रद्धा की डेड बॉडी के टुकड़े फ्रिज में रखे थे, वह उसी कमरे में लगातार 18 दिन सोता रहा। इतना ही नहीं वह रोज फ्रिज खोलकर श्रद्धा के कटे हुए सिर को भी देखता था।

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