हल्द्वानी| आज शनिवार को क्रियाशाला सेवा समिति की ओर से आयोजित श्री राम कथा में व्यास जी आचार्य भुवन चंद्र त्रिपाठी द्वारा श्री राम विवाह का विस्तार से वर्णन किया। राजा जनक द्वारा प्रतिज्ञा की जो शिव जी के धनुष को तोड़ेगा उसी के साथ सीता का स्वयंवर होगा। भगवान राम ने धनुष तोड़ा परशुराम जी द्वारा लक्ष्मण का संवाद एवं बाद में राजा दशरथ के चारों पुत्रों का विवाह की कथा विस्तार से सुनाई। मुख्य यजमान देवकीनंदन जोशी सपत्नी थे। संगीतज्ञ जगदीश आनंद ने कथा मंडप में अपने भजनों से समाबाधी। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी एवं सैकड़ों भक्त उपस्थित थे।
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