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हल्द्वानी न्यूज : अग्रिम पांत की कोरोना योद्धा आशाओं के साथ अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक आचरण क्यों : राजा बहुगुणा

हल्द्वानी। वामपंथी पार्टियों भाकपा, माकपा व भाकपा (माले) ने आज पूरे राज्य में उत्तराखंड की आशा वर्कर्स माँगों के समर्थन में और चम्पावत की सभी आशाओं को बिना शर्त काम पर वापस लेने की मांग पर विरोध प्रदर्शन के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वामपंथी पार्टियों ने संयुक्त रूप से कहा कि, मांगों पर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई तो हमें आशाओं साथ उनके समर्थन में आंदोलनात्मक कार्यवाही को बाध्य होना पड़ेगा।
भाकपा (माले) राज्य सचिव राजा बहुगुणा ने कहा कि, “अभी तो समय था कि आशाओं जैसे कोरोना में अग्रणी भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को और भी प्रोत्साहित किया जाता। उन्हें अपने जीवनयापन की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए न्यूनतम वेतन का प्रावधान किया जाता लेकिन राज्य सरकार अपने काम का दाम मांग रही आशाओं के उत्पीड़न पर आमादा है।”
उन्होंने कहा कि, “चम्पावत जिले में आशाओं को इतनी बड़ी संख्या में निकालने की कार्यवाही केवल जिला प्रशासन के बूते की बात नहीं है इसको राज्य सरकार के इशारे पर किया गया है। राज्य सरकार को इस फैसले को तत्काल वापस लेकर आशाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।”
उन्होंने सवाल उठाया कि, “उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ व कोविड-19 की अग्रिम पांत की योद्धा आशा हेल्थ वर्कर्स के साथ अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक आचरण क्यों ? काम के बदले भत्ता व बुनियादी सुविधाएं मांगने पर वर्खास्तगी व ब्लेक लिस्ट बनाने का फरमान क्यों ?
मुख्यमंत्री जी जवाब दो – जवाब दो।”


विरोध दिवस मनाते हुए माँग की गई कि चंपावत जिले की 264 बर्खास्त आशाओं को बहाल करो,आशा हेल्थ वर्कर्स की सभी न्यायोचित मांगों का समाधान किया जाए।
आज भाकपा (माले) की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन राज्य सचिव राजा बहुगुणा, बहादुर सिंह जंगी, डॉ कैलाश पाण्डेय, कमल जोशी, नवीन कापड़ी आदि के हस्ताक्षरों के साथ भेजा गया। साथ ही राजा बहुगुणा और बहादुर सिंह जंगी द्वारा अपने अपने घरों में धरना भी दिया गया।

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