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भारतीय सेना के 22 सदस्यीय दल ने एक साथ फतह किया माउंट एवरेस्ट

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बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नेपाल पहुंचा पर्वतारोहियों का दल, जल्द होगी भारत वापसी

टीम में शामिल 11 पर्वतारोही उत्तराखंड से

रानीखेत निवासी सेना मेडल नायब सूबेदार इंदर सिंह ने बढ़ाया मान

CNE DESK/भारतीय सेना के 22 सदस्यीय दल ने एक साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। ज्ञात रहे कि इससे पूर्व 25 साल पहले साल 2001 में सेना ने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। दल में अल्मोड़ा जनपद से 16 कुमाऊं रेजीमेंट में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत सेना मेडल इंदर सिंह अधिकारी भी शामिल रहे। वे रानीखेत के ग्राम नैनी (मजखाली) के निवासी हैं। इस दल में उत्तराखंड से कुल 11 सैनिक हैं। जिनमें 7 कुमाऊं रेजीमेंट तथा 4 गढ़वाल रेजीमेंट के हैं। बेस कैंप से दल का नेतृत्व से 16 कुमाऊं के कर्नल मनोज जोशी ने किया। वे मूल रूप से अल्मोड़ा के डुंगरा, भनोली के रहने वाले हैं। वर्तमान में हल्द्वानी निवासरत हैं। भारतीय सेना के पर्वतारोहियों का दल नेपाल पहुंच चुका है और 10 जून तक भारत पहुंच जायेगा।

उल्लेखनीय है कि रजत जयंती एवरेस्ट अभियान 2025 (Indian Army Silver Jubilee Everest Expedition) को दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। टीम को कैंप 2 से कंट्रोल कर्नल मनोज जोशी ने किया। टीम में कुल 32 सदस्य शामिल रहे। जिनमें 6 आफिसर, 8 जेसीओ व 18 अन्य थे। टीम 12 अप्रैल को दिल्ली से रवाना हुई।

तेज तूफान का किया सामना

नेपाल के काठमांडू से लुकला होते हुए 23 अप्रैल को बेस कैंप पहुंची। बेस कैंप में ट्रेनिंग के बाद कैंप 1, कैंप 2 व कैंप 3 होते हुए कैंप 4 पहुंची। टीम ने पहला प्रयास 22 मई को किया। जिसमें टीम 8500 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच चुकी थी। तभी अचानक तेज तूफान आने के कारण टीम को वापस कैंप 2 में आना पड़ा। अगले दो दिन इंतजार के बाद 25 मई को टीम ने फिर चढ़ाई शुरू की और सही मौसम की जानकारी ली।

27 मई को किया ऐवरेस्ट फतह

27 मई की सुबह 3—4 बजे के बीच में टीम ने एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया। 22 सदस्यों ने एक साथ चोटी पर पहुंच कर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने में सफलता हासिल की। ज्ञात रहे कि इससे पहलेसाल 2001 में भारतीय सेना ने 23 मई 2001 को माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को पहली बार फतह किया था। उसी के 25 साल पूरे होने पर यह पर्वतारोहण दल एवरेस्ट पर भेजा गया। अभी भारतीय सेना की टीम नेपाल में रूकी हुई है। इसी सप्ताह टीम भारत पहुंच जायेगी।

अल्मोड़ा के इंदर सिंह ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

खास बात यह है कि अल्मोड़ा जनपद अंतर्गत रानीखेत के मजखाली क्षेत्र के नैनी ग्राम निवासी नायब सूबेदार इंदर सिंह अधिकारी ने अपनी टीम के साथ माउंट एवरेस्ट फतह करके पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। ज्ञातव्य हो कि इंदर सिंह अधिकारी खड़क सिंह अधिकारी व नंदी देवी के पुत्र हैं। उनकी पत्नी संगीता अधिकारी वीरशिवा स्कूल रानीखेत में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। दो बेटियां अदिति व अनन्या हैं। भाई आनंद सिंह अधिकारी रानीखेत में होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। नायब सूबेदार इंदर सिंह अधिकारी ने इंटर 1999 में नेशनल इंटर कॉलेज रानीखेत से किया था। बीए राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत से वर्ष 2002 में किया था।

उपलब्धियां

  • पर्वतारोहण का प्रशिक्षण High altitude warfare school गुलमर्ग, जम्मू—कश्मीर से साल 2007 में लिया था। इस दौरान इन्हें बेस्ट स्टूडेंट का पुरस्कार मिला था।
  • वर्ष 2019 में दुनियां की पांचवी सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालू (8483 मीटर) चढ़ने के लिए सेना मेडल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • इससे पूर्व नायब सूबेदार इंदर सिंह अधिकारी ने साल 2009 में माउंट शिवलिंग (Shivling) पर चढ़ाई की थी। अन्य पर्वत चोटियामें राजरंभा 2014, त्रिशूल 2015 व 2023, माउंट देव टिब्बा 2015, कामेत 2018, भनोटी 2018, मकालू 2019, मुक्त पर्वत 2024, सियाचिन में इंदिरा कोल 2015 तथा माउंट एवरेस्ट की इससे पूर्व भी 2012 व 2016 में चढ़ाई ​की थी।

Successful Summiters on 27 May: Indian Team: 🇮🇳

  1. Lt. Col. Bhanoo Pathak
  2. Mahak Mehta
  3. Anirudh Yadav
  4. Krishna Bahadur Kuwar
  5. Tashi Stanba
  6. Indra Singh Adhikari
  7. Sunil Singh
  8. Arjun Thapa Magar
  9. Shankar Nath Goswami
  10. Sunil Budhalakoti
  11. Kundan Singh
  12. Tundup Namgail
  13. Raghuveer Singh
  14. Urgain Padma
  15. Deepak Singh
  16. Rigzen Nurboo
  17. Tsewang Motup
  18. Balwant Singh
  19. Bhuvan Ale Magar
  20. Pradeep Singh
  21. Dharmendra Singh
  22. Kiran Bahadur PC
    Sherpa Guides:
    AAW Sherpa List (27 May):
  23. Kami Rita Sherpa (31 TIMES)
  24. Dawa Phinjo Lama Bhote (UIAGM)
  25. Chhedar Bhote
  26. Ladar Chhiring Bhote
  27. Ang Sonam Bhechyaba Bhote
  28. Wangdang Bhote
  29. Nurpu Bhote
  30. Dhenjung Bhote
  31. Thomas Bhote
  32. Ngang Dorchi Bhote
  33. Chhiring Nuppa Bhote
  34. Rinjin Bhote
  35. Phinjo Nuppa Bhote
  36. Chhiring Sherpa
  37. Nawang Nuru Sherpa
  38. Sumba Chhiring Sherpa
  39. Pasang Sherpa
  40. Pemba Tasi Sherpa
  41. Pemba Thenduk Sherpa
  42. Chhangwa Sherpa
  43. Suku Bahadur Tamang
  44. Lakpa Thinduk Sherpa
  45. Mingma Gelu Sherpa
  46. Mingma Dorche Sherpa
  47. Ngimasange SherpaSeven Summit Treks (SST)™ Sherpa
  48. Mingtemba Sherpa
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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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