HomeUttarakhandBageshwarकपकोट: नशे के खिलाफ महिलाओं का हल्ला बोल

कपकोट: नशे के खिलाफ महिलाओं का हल्ला बोल

12 फरवरी को शामा में शराब की दुकान पर तालाबंदी की तैयारी

CNE REPORTER, कपकोट (बागेश्वर): देवभूमि उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद अंतर्गत कपकोट क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ मातृशक्ति ने मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा और क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा रौतेला के नेतृत्व में दर्जनों गांवों की महिलाओं ने आगामी 12 फरवरी को शामा मुख्यालय स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में तालाबंदी करने का ऐलान किया है।

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जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की महापंचायत में बड़ा निर्णय

ग्राम सभा रातिर-केठी, मलखा-डुंगरचा, कीमू और गोगिना की महिलाओं ने एकजुट होकर “नशे के खिलाफ जंग” मुहिम को सफल बनाने की शपथ ली। शामा में आयोजित एक महापंचायत के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में शांति और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए शराब की दुकान का बंद होना अनिवार्य है।

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प्रशासन की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश

जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा ने बताया कि क्षेत्र को व्यसनमुक्त बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • बहुउद्देशीय शिविर में मांग: 7 जनवरी को शामा में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में सभी जन प्रतिनिधियों के माध्यम से एक मांग पत्र सौंपा गया था।
  • एक महीने का अल्टीमेटम: प्रशासन को शराब की दुकान हटाने के लिए एक महीने की समय सीमा दी गई थी।
  • प्रशासनिक उदासीनता: आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी विभाग ने पत्र का संज्ञान नहीं लिया और न ही ग्रामीणों से संवाद की कोई पहल की गई।

“क्षेत्र के व्यापक हित और परिवारों को टूटने से बचाने के लिए हम तालाबंदी जैसा कड़ा कदम उठाने को मजबूर हैं। 12 फरवरी को सभी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और स्थानीय ग्रामीण मिलकर इस आंदोलन को अंजाम देंगे।” — विजया कोरंगा, जिला पंचायत सदस्य

क्या है आंदोलन की मुख्य वजह?

ग्रामीणों का कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि 12 फरवरी को तालाबंदी के दौरान प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

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