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हल्द्वानी में हकीम के पास गर्दन का इलाज कराने गई महिला की मौत

हकीम ने मालिश के बाद हिलाई गर्दन, महिला ने तोड़ा दम

दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया

CNE REPORTER, हल्द्वानी। गर्दन में लंबे समय से चल रहे दर्द का उपचार कराने एक हकीम के पास पहुंची 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हकीम की उपचार पद्धति और कथित तौर पर की गई गर्दन की जोरदार हरकत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिला के पति का आरोप है कि मालिश करने के बाद हकीम ने उसकी पत्नी की गर्दन को अचानक जोर से हिलाया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।

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परिजन तत्काल महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा।

चार-पांच महीने से गर्दन के दर्द से परेशान थी महिला

मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी रामचंद्र वर्तमान में हल्द्वानी के दमुवाढूंगा क्षेत्र में रहते हैं और एक निजी संस्थान में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी मीनाक्षी पिछले करीब चार-पांच महीने से गर्दन के दर्द से परेशान थीं। परिजनों के अनुसार, उनका उपचार सुशीला तिवारी अस्पताल समेत अन्य चिकित्सकों से भी कराया जा रहा था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति में कुछ सुधार भी बताया गया था।

इसी बीच शनिवार को कुछ स्थानीय लोगों ने परिवार को कालाढूंगी रोड क्षेत्र में एक हकीम से उपचार कराने की सलाह दी। परिजनों के मुताबिक, इसी सलाह पर रामचंद्र अपनी पत्नी को लेकर वहां पहुंचे थे।

पहले मालिश, फिर गर्दन को जोर से हिलाने का आरोप

रामचंद्र के अनुसार, हकीम ने महिला की गर्दन पर तेल लगाया और उसकी मालिश शुरू की। उनका आरोप है कि मालिश के बाद हकीम ने मीनाक्षी की गर्दन को अचानक जोर से हिला दिया।

पति के मुताबिक, इस घटना के तुरंत बाद मीनाक्षी की हालत बिगड़ गई। उनकी गर्दन एक ओर झुक गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजनों के अनुसार, इसके बाद महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

रामचंद्र का कहना है कि उन्होंने हकीम से उनकी पत्नी को देखने और मदद करने के लिए कहा, लेकिन कथित तौर पर उन्हें महिला को ऑटो से अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन आनन-फानन में मीनाक्षी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। मीनाक्षी अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति रामचंद्र ने घटना की जानकारी पुलिस को देते हुए हकीम की कथित लापरवाही को लेकर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, अभी मौत के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किस चिकित्सकीय कारण से हुई।

पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

गर्दन और रीढ़ से जुड़े मामलों में बरतें विशेष सावधानी

यह घटना गर्दन, रीढ़ और नसों से संबंधित समस्याओं के उपचार में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत भी सामने लाती है। गर्दन शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है और इसमें नसों, रक्त वाहिकाओं तथा रीढ़ की हड्डी से जुड़े महत्वपूर्ण अंग होते हैं। ऐसे में गर्दन को अचानक या अत्यधिक बल से घुमाना अथवा झटका देना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

हालांकि इस मामले में महिला की मौत का कारण अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के बिना गर्दन की जोरदार मालिश, झटका देने या किसी प्रकार की ‘हड्डी बैठाने’ जैसी प्रक्रिया से बचना जरूरी है।

नीम-हकीमों से रहें सावधान, गंभीर बीमारी में डॉक्टर से कराएं जांच

इस घटना के बाद लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है कि किसी परिचित, पड़ोसी या स्थानीय व्यक्ति की सलाह मात्र पर गंभीर स्वास्थ्य समस्या का इलाज ऐसे व्यक्ति से न कराएं जिसकी चिकित्सकीय योग्यता और पंजीकरण स्पष्ट न हो।

खासकर गर्दन, रीढ़, नसों, सिर, सीने या अन्य संवेदनशील अंगों से जुड़ी समस्या होने पर योग्य एवं पंजीकृत चिकित्सक से जांच और उपचार कराना चाहिए। किसी भी प्रकार की मालिश, झटका देने या हड्डी-नस ठीक करने के दावे पर बिना चिकित्सकीय सलाह के भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है।

लोगों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उपचार करने वाला व्यक्ति संबंधित चिकित्सा पद्धति में विधिवत प्रशिक्षित और अधिकृत है। किसी की बीमारी को देखकर या केवल अनुभव के आधार पर उपचार करने का दावा करना और विधिवत चिकित्सा योग्यता होना अलग-अलग बातें हैं।

फिलहाल मीनाक्षी की मौत का वास्तविक कारण जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस जांच के निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि घटना के पीछे आखिर क्या चिकित्सकीय वजह रही।

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Deepak Manral
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तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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