विद्युत कार्यों में देरी का ठीकरा मुझ पर क्यों? PWD के अधिकारी पर भड़के कर्मचारी नेता, धरने की चेतावनी

0
विद्युत कार्यों में देरी का ठीकरा मुझ पर क्यों? PWD के अधिकारी पर भड़के कर्मचारी नेता, धरने की चेतावनी
विद्युत कार्यों में देरी का ठीकरा मुझ पर क्यों? PWD के अधिकारी पर भड़के कर्मचारी नेता, धरने की चेतावनी

CNE REPORTER, हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग नियमित वर्क चार्ज कर्मचारी संघ, कुमाऊं मंडल उत्तराखंड के क्षेत्रीय महामंत्री हिमांशु पांडेय ने विभागीय विद्युत कार्यों में हो रही देरी को लेकर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विद्युत यांत्रिक पंचम वृत्त, हल्द्वानी में तैनात अपर सहायक अभियंता गौरव उपाध्याय पर उन्हें अनावश्यक रूप से विभागीय कार्यों में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाते हुए मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग हल्द्वानी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।


ADVERTISEMENTS

ज्ञापन में हिमांशु पांडेय ने स्पष्ट कहा है कि विद्युत संबंधी कार्यों में विलंब के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना पूरी तरह निराधार एवं तथ्यहीन है। उनका कहना है कि विभागीय कार्यों में देरी किन कारणों से हो रही है, इसकी वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना उनके ऊपर आरोप मढ़ना अनुचित है। यदि विद्युत कार्यों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है अथवा किसी अन्य कारण से काम प्रभावित हो रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

हिमांशु पांडेय ने अपने ज्ञापन में दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपनी मांगों और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में धरने पर बैठने को बाध्य होंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष भी उठाने का ऐलान किया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के कारण यदि किसी भी प्रकार का शासकीय कार्य बाधित होता है अथवा विभागीय कामकाज प्रभावित होता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विद्युत यांत्रिक पंचम वृत्त, हल्द्वानी के अपर सहायक अभियंता गौरव उपाध्याय की होगी।

मुख्य अभियंता से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

संघ के क्षेत्रीय महामंत्री ने मुख्य अभियंता से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि विभागीय उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और हिमांशु पांडेय की शिकायत पर जांच की पहल कब तक होती है। फिलहाल इस प्रकरण ने लोक निर्माण विभाग के भीतर विभागीय कार्यों में देरी और उसकी जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ADVERTISEMENTS