सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा में मानवता की अनोखी मिसाल देखने को मिली, जब आर्थिक रूप से कमजोर एक मरीज को रेडक्रॉस और पार्षदों ने अपने संसाधनों से उसके घर तक पहुँचाया।

जानकारी के अनुसार, सोमेश्वर-चनौदा क्षेत्र से आए एक मरीज को पेट दर्द की शिकायत के चलते बीते दिन बेस अस्पताल में भर्ती किया गया था। मरीज पहले से ही पैरालिसिस से पीड़ित है और बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उपचार के बाद शनिवार को जब उसे डिस्चार्ज किया गया, तो उसकी स्थिति इतनी कमजोर थी कि उसके पास घर लौटने के लिए किराए तक के पैसे नहीं थे। मरीज के साथ उसकी वृद्ध मां भी थीं, जो असहाय होकर अस्पताल प्रांगण में बैठी रहीं।
मामले की सूचना मिलते ही यूथ रेडक्रॉस चेयरमैन एवं पार्षद अमित साह ‘मोनू’, पार्षद अभिषेक जोशी और मुकेश लटवाल अस्पताल पहुँचे। उन्होंने तुरंत रेडक्रॉस के मनोज सनवाल से संपर्क किया। इसके बाद अपने संसाधनों से वाहन की व्यवस्था की गई और मरीज को सुरक्षित घर भेजा गया।
इस दौरान पार्षद अमित साह, अभिषेक जोशी और मुकेश लटवाल ने स्वयं मरीज को अस्पताल से गाड़ी तक पहुँचाया।
कल्पना करना भी मुश्किल है…
यह घटना जहाँ एक ओर मानवता और सहयोग की मिसाल पेश करती है, वहीं दूसरी ओर यह बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अस्पताल से घर पहुँचाने की कोई ठोस सरकारी व्यवस्था क्यों नहीं है? यदि समय पर रेडक्रॉस और पार्षद आगे नहीं आते तो उस मरीज और उसकी मां की स्थिति कितनी दयनीय हो सकती थी, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।

