सुपारी किलर बनारसी यादव ढेर
लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सरकार की नीति क्या है, इसका स्पष्ट संदेश मंगलवार को एक ही दिन में दो घटनाओं से मिल गया। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस एनकाउंटर को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा — “पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए?” तो दूसरी ओर, उसी दिन यूपी STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात सुपारी किलर बनारसी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया।
इस घटनाक्रम को प्रदेश में अपराध के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

सीएम योगी का सख्त संदेश
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस आत्मरक्षा में कार्रवाई करती है और अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी अब बीते दौर की बात है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो कानून को चुनौती देगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
योगी के इस बयान के कुछ ही समय बाद STF की यह बड़ी कार्रवाई सामने आना, इसे सिर्फ संयोग नहीं बल्कि सख्त रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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कैसे हुआ एनकाउंटर? पूरी कहानी
STF एनकाउंटर में ढेर हुआ 1 लाख का इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव, 50 करोड़ की जमीन विवाद से जुड़ी थी सबसे बड़ी हत्या

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात सुपारी किलर बनारसी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर हुआ।
बनारसी यादव लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
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गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
STF को पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी कि बनारसी यादव वाराणसी के चौबेपुर इलाके में छिपा हुआ है और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
सूचना की पुष्टि के बाद STF की टीम ने स्थानीय पुलिस को बिना बताए ऑपरेशन को गोपनीय तरीके से अंजाम देने की योजना बनाई, ताकि अपराधी को भागने का मौका न मिले।
देर रात STF की टीम ने बारियासनपुर रिंग रोड के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
घेराबंदी होते ही फायरिंग, सरेंडर से इनकार
पुलिस के अनुसार, जब STF ने बनारसी यादव को घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने
- सरेंडर करने से इनकार कर दिया
- STF टीम पर कई राउंड फायरिंग कर दी
फायरिंग के दौरान STF के जवानों को बचाव की स्थिति में आना पड़ा। इसके बाद टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी फायरिंग में घायल, अस्पताल में मौत
मुठभेड़ के दौरान बनारसी यादव को कई गोलियां लगीं और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
STF की टीम ने उसे तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से
- दो अवैध पिस्टल
- बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस
बरामद किए गए हैं।
कौन था बनारसी यादव
बनारसी यादव गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के गैरहट गांव का रहने वाला था।
वह एक पेशेवर सुपारी किलर था, जो पैसों के बदले हत्या करता था। उस पर
- हत्या
- हत्या की साजिश
- अवैध हथियार रखने
जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
उसकी गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
50 करोड़ की जमीन विवाद से जुड़ा चर्चित हत्याकांड
बनारसी यादव का नाम सबसे अधिक चर्चा में आया था
सारनाथ थाना क्षेत्र में कोलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद।
👉 21 अगस्त 2025 को
- बाइक सवार बदमाशों ने महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी
- यह हत्या करीब 50 करोड़ रुपये की जमीन के विवाद से जुड़ी थी
- जांच में सामने आया था कि इस हत्या के लिए बनारसी यादव को 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी
इस मामले में पुलिस पहले ही योगेंद्र यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन बनारसी यादव लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड में खतरनाक अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बनारसी यादव
- लंबे समय से संगठित अपराध से जुड़ा था
- शूटरों का नेटवर्क संभालता था
- ठेके पर हत्या कराने में उसकी भूमिका अहम थी
उसकी मौत को पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही है।
इलाके में अलर्ट, जांच जारी
एनकाउंटर के बाद इलाके में कुछ समय के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
STF और स्थानीय पुलिस ने
- घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच
- हथियारों की बैलिस्टिक जांच
की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बनारसी यादव किन लोगों के संपर्क में था और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

