कुलपति से मिला हॉस्टल परिवार के छात्र नेताओं का प्रतिनिधिमंडल
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। हॉस्टल परिवार के छात्र नेताओं ने अपनी पूरी टीम के साथ एसएसजे विश्वविद्यालय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें छात्रों ने बढ़ी हुई फीस, परीक्षा शुल्क और हॉस्टल शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
छात्र नेताओं ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया:
बढ़ी हुई फीस वापस ली जाए: छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय द्वारा मौजूदा सत्र में बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी संस्थान होने के नाते यहां निम्न आय वर्ग के छात्र बड़ी संख्या में पढ़ते हैं, जिन पर यह अतिरिक्त भार है।
परीक्षा शुल्क कम हो: छात्रों ने 800 से 1000 रुपये के परीक्षा शुल्क को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि यह शुल्क गरीब और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों के लिए एक बड़ा बोझ है और सरकार के ‘शिक्षित भारत’ के संकल्प के खिलाफ है।
हॉस्टल शुल्क वृद्धि वापस हो और सुविधाएं मिलें: छात्र नेताओं ने हॉस्टल शुल्क में अचानक 7000 से 10000 रुपये की बढ़ोतरी को छात्रों के साथ धोखा बताया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय न तो सभी छात्रों को हॉस्टल दे पा रहा है और न ही हॉस्टल में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं हैं। इस पर भी शुल्क बढ़ाना गलत है।
छात्र नेता प्रदीप सिंह मेहता ने कहा कि अगर इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरा छात्र समुदाय उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में रोहित मेहता, प्रिया बिष्ट, पूजा बिष्ट, हर्षित पांडे आदि शामिल रहे।

