अल्मोड़ा: सुंदर प्रस्तुति से दृष्टि बाधितों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

👉 सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस कार्यक्रम में लूटी वाहवाही, इनाम पाया👉 स्कूली बच्चों ने ओजस्वी भाषणों से समझाया सफेद छड़ी का महत्व सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा:…

सुंदर प्रस्तुति से दृष्टि बाधितों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

👉 सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस कार्यक्रम में लूटी वाहवाही, इनाम पाया
👉 स्कूली बच्चों ने ओजस्वी भाषणों से समझाया सफेद छड़ी का महत्व

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों ने अपने ओजस्वी भाषणों से सभी को दांतों तले अंगुली दबाने का मजबूर कर दिया। इन भाषणों से बच्चों ने यह समझाने का सफल प्रयास किया कि ‘समाज को सफेद छड़ी के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक क्यों है?’ यहां नगरपालिका सभागार में राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ अल्मोड़ा द्वारा आयोजित सफेद छड़ी दिवस कार्यक्रम में बच्चों ने अपने भाषणों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा दृष्टिबाधितों ने सुंदर कार्यक्रम पेश कर यह साबित किया कि वे महज दृष्टिबाधित हैं, लेकिन उनके अंदर भी प्रतिभा की कमी नहीं है। सुंदर प्रस्तुति देने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी व रामकृष्ण कुटीर के स्वामी ध्रुवेशानंद ने दृष्टि दिव्यांगों की प्रस्तुति की सराहना की। वहीं बच्चों की भाषण प्रस्तुति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अति​थियों ने राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ अल्मोड़ा द्वारा दृष्टिबाधितों के कल्याण के लिए लंबे समय से किए जा रहे कार्य को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग एवं ट्रैफिक विभाग को सफेद छड़ी के प्रति जानकारी होना आवश्यक हैं। उन्होंने दो वर्गों में गत 28 सितंबर को हुई भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र व नगद धनराशि बांटी। इसके अलावा कार्यक्रम में सुंदर प्रस्तुति देने वाले दृष्टि दिव्यांगों को पुरस्कार दिए। भाषण प्रतियोगिता में अपने—अपने वर्ग में भूमिका भाकुनी, प्रियांशी जोशी, दिया बिष्ट, गीतिका पाण्डे, प्रतीक बिष्ट, वंदना रूवाली एवं लक्षिता जोशी अव्वल रहे। भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार की राशि कैमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस मनकोटी द्वारा प्रदान की गई।

गत दिवस आयोजित इस कार्यक्रम का आगाज दृष्टि दिव्यांग कु. नेहा आगरी की स्वागत गीत प्रस्तुति से हुआ। इनके अलावा दृष्टि दिव्यांग अफराज व विजय आगरी ने संगीत की सुंदर प्रस्तुति दी। उन्हें पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त सफेद छड़ियां 10 दृष्टि दिव्यांगों को वितरित की गई। इसके अलावा पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डा. जेसी दुर्गापाल की पुत्री रूप दुर्गापाल की ओर से 10 दृष्टि दिव्यांगों को टाकिंग घड़ियां वितरित की गई। प्रस्तुति देने वाले दृष्टि बाधितों नेहा आगरी, विजय आगरी एवं अफराज अहमद को सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने अपनी ओर से पुरस्कृत किया। इस मौके पर डा. जेसी दुर्गापाल ने सफेद छड़ी के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सफेद छड़ी का विकास सन् 1931 में फांस में शुरू हुआ। वर्तमान में 05 प्रकार की सफेद छड़िया प्रचलन में हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राणा और संचालन सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। कार्यक्रम में महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल, आशा कर्नाटक, डे—केयर की अध्यक्ष सुनैना मेहरा, हेम चंद्र जोशी, प्रताप सिंह सत्याल, एमसी जोशी, गिरीश चंद्र जोशी, बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला, मनोहर सिंह नेगी, मोहन चंद्र कांडपाल, आशीष वर्मा, रमेश चंद्र, डॉ. दीपा गुप्ता, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सीएल वर्मा, त्रिलोक सिंह कड़ाकोटी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र पांडे, शंकरदत्त भट्ट, निर्मला भट्ट, भीम सिंह अधिकारी, बसंत गैड़ा, मीनाक्षी पांडे, दयाकृष्ण कांडपाल, कमल कांडपाल, महेंद्र सिंह अधिकारी, स्वाति तिवारी, रश्मि डसीला, चंद्रमणि भट्ट, मोहनी देवी, राजेंद्र सिंह, दीवान सिंह, बसंत लाल, तनुज भट्ट, खुशी कुमारी, अन्नत बिष्ट, नवीन चंद्र जोशी, मोहन चंद्र रुवाली, धनीराम, चंद्रशेखर, सूरज मेहता समेत विभिन्न विद्यालयों के बच्चे शामिल रहे।