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उत्तराखंड: 03 मई को शहीद केसरी चंद के बलिदानी दिवस पर अवकाश घोषित

CNE DESK

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कल बुधवार 03 मई, 2023 को उत्तराखंड में अमर शहीद केसरी चंद के बलिदानी दिवस पर समस्त सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वे वह बलिदानी हैं, जिन्होंने आजाद हिंद फौज में शामिल हो ब्रिटिश हकूमत को चुनौती दी थी। 03 मई 1945 को महज 24 साल की उम्र में अंग्रेजों द्वारा सूली पर लटका दिए गए थे। निरीक्षक प्रारम्भिक शिक्षा की ओर से पूर्व में ही अवकाश की सूचना जारी की जा चुकी है।

जंग ए आजादी के वीर सिपाही शहीद केसरी चंद : ज्ञात रहे कि प्रदेश के इस अमर शहीद वीर केसरी चंद का जन्म 01 नवंबर, 1920 को जौनसार के क्यावा गांव में हुआ था। आरंभिक शिक्षा उन्होंने विकासनगर में ग्रहण की थी। बाद में उन्होंने डीएवी कॉलेज में आगे की पढ़ाई की।

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विस्तार से जानिए अमर शहीद केसरी चंद के बारे में

कहा जाता है कि केसरी चंद बचपन से ही बहुत हिम्मती थे और खेलों में उनकी खासी दिलचस्पी थी।जहां उनमें एक ओर नेतृत्व का गुण था, वहीं वह एक सच्चे देशभक्त भी थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी हमेशा अग्रणी भूमिका रही थी।

10 अप्रैल 1941 में वे Royal Army Service Corps में भर्ती हो गए। यह वह वक्त था जब द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था। 29 अक्टूबर 1941 पर केसरी चंद को मलाया में चल रहे युद्ध के दौरान मोर्चे पर तैनात किया गया था। इस दौरान उन्हें जापानी सेना ने बंदी बना लिया था।

बता दें कि केसरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस से बेहद प्रभावित थे। यही कारण था कि वह आजाद हिंद सेना में भी शामिल हुए थे। अंग्रेजों से भिडंत के दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद वे दिल्ली कारागार में भेज दिए गए थे।

इस दौरान ब्रिटिश राज्य के खिलाफ साजिश के आरोप में केसरी चंद को मौत की सजा दे दी गई। 03 मई 1945 को महज 24 साल की उम्र में उत्तराखंड के इस वीर सेनानी को फांसी पर लटका दिया गया था।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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