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उत्तराखंड इंजीनियर्स महासंघ: वेतन, पेंशन व राजकीयकरण पर 9 सूत्रीय प्रस्ताव

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इंजीनियर्स ने उठाई आवाज: सेवाकाल में 3 प्रोन्नति या 10, 16, 26 वर्ष पर ACP चाहिए

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ (UDEM) की शाखा अल्मोड़ा की मासिक बैठक में अभियंताओं ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) या न्यूनतम तीन पदोन्नति की गारंटी और 10 वर्ष की सेवा पर ₹5400 ग्रेड-पे (लेवल-10) देने सहित नौ सूत्रीय प्रमुख मांगें रखीं। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा के साथ-साथ आवास विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को सरकारी कोष से वेतन देने और उत्तराखंड पेयजल निगम व जल संस्थान के राजकीयकरण/एकीकरण पर भी ज़ोर दिया गया।


शक्ति सदन अल्मोड़ा में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में, महासंघ के सदस्यों ने विभिन्न अभियंत्रण विभागों में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स की सेवा संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। महासंघ ने स्पष्ट किया कि सेवाकाल के दौरान अभियंताओं को नई तकनीकी से संबंधित नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि वे ई-एस्टीमेट और ई-फाईलिंग जैसे अनिवार्य हो रहे कार्यों को कुशलतापूर्वक कर सकें। इसके लिए उन्हें विभाग की ओर से लैपटॉप/कंप्यूटर भी उपलब्ध कराने की मांग की गई।

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प्रमुख मांगें: पदोन्नति और वेतनमान पर ज़ोर

  • पदोन्नति में सुधार: सदस्यों ने पदोन्नति में ठहराव की समस्या उठाते हुए न्यूनतम 3 प्रोन्नति सुनिश्चित करने या 10, 16 और 26 वर्ष पर एसीपी के रूप में प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग की।
  • वरिष्ठ वेतनमान: 01 जनवरी 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पूर्व की भांति ग्रेड पे ₹5400 (लेवल-10) देने की मांग की गई।
  • पेंशन योजना: 01 अक्टूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन और 01 अप्रैल 2025 से लागू एकीकृत पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।
  • समानान्तर गैलरी: विभिन्न विभागों में पदोन्नति के कम अवसरों को देखते हुए, सहायक अभियंता से उच्चतर पदों पर पदोन्नति के लिए अन्य छोटे पर्वतीय राज्यों के समान समानान्तर गैलरी का सृजन करने की मांग की गई। साथ ही, डिग्रीधर कनिष्ठ अभियंताओं की प्रोन्नति सीमा को 10% से बढ़ाकर 20% करने की भी वकालत की गई।
  • सरकारी हस्तक्षेप कम करना: अभियंताओं ने मांग की कि तकनीकी क्षेत्रों में विशिष्टियों/सर्कुलरों के अनुसार राजकीय कार्यों के संपादन में अनावश्यक राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप को कम/समाप्त किया जाए।
  • अन्य मांगें: उत्तराखंड पेयजल निगम और जल संस्थान का राजकीयकरण/एकीकरण किया जाए। आवास विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को वेतन सरकारी कोष से दिया जाए और सी०पी०एफ० की जगह एन०पी०एस० लागू हो।

बैठक की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष अल्मोड़ा इं० सूरज सिंह रावत द्वारा की गई, संचालन शाखा सचिव अल्मोड़ा इं० हितांशी नैलवाल द्वारा किया गया। बैठक में उपस्थित लोगों में मंडल सचिव कुमाउं इं० दीपक सिंह मटियाली, पूर्व जनपद सचिव इं० प्रफुल्ल कुमार जोशी, इं० विपिन चन्द्र तिवारी, इं० ललित मोहन, इं० कमलेश तिलारा, इं० जतिन शर्मा, और इं० मनोज नाथ आदि सदस्य शामिल थे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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