आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड में उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी है। कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर, अपनी प्रमुख मांग- नियमितीकरण – को लेकर कर्मचारी अल्मोड़ा के वन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह आंदोलन राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री की नियमितीकरण की घोषणा को लागू न करने और उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने के विरोध में किया जा रहा है।
⚖️ न्यायालयों के आदेशों की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार पर न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय नैनीताल ने उन्हें ‘समान कार्य के लिए समान वेतन‘ देने और चरणबद्ध तरीके से नियमित करने का आदेश दिया था।
कर्मचारियों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को सर्वोच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया था, जिसके बाद उच्च न्यायालय का आदेश बरकरार रहा।
कर्मचारियों का कहना है कि तमाम न्यायिक फैसलों और मुख्यमंत्री की सार्वजनिक घोषणा के बावजूद, सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। उनका आरोप है कि सरकार इस मामले को लटका रही है।
आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी
कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने जल्द ही मुख्यमंत्री आवास कूच करने की भी घोषणा की है।
मोर्चा नेताओं ने दो टूक कहा है कि स्थिति बिगड़ने और उपनल कर्मियों के हड़ताल पर रहने से होने वाली किसी भी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
यह अनिश्चितकालीन हड़ताल उत्तराखंड के विभिन्न विभागों, जैसे स्वास्थ्य, बिजली, राजस्व और अन्य, में कार्य कर रहे लगभग 22,000 उपनल कर्मचारियों को प्रभावित कर रही है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे आवश्यक सेवाएं बाधित हो रही हैं।
इनकी रही भागीदारी
सिविल एवं सयोम वन प्रभाग अल्मोड़ा के प्रांगण में हुए इस प्रदर्शन में दिनेश सिंह परिहार, अशोक सिंह बोरा, भुवन सिंह परिहार, ललित कुमार, संदीप भट्ट, आनंद सिंह पिलख्वाल, मनोज भट्ट, अंकित दुम्का, राजेश पांडे, अवनि शाह, प्रियंका जीना बिष्ट, अनिल जीना, अवनि साह आदि सहित बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारी शामिल रहे।

