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अकल्पनीय : पृथ्वी में रह जायेंगी सिर्फ महिलाएं, नहीं होंगे पुरुष, बड़ी रिसर्च

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✒️ खत्म होने लगे हैं Y Chromosome

संपूर्ण पृथ्वी पर राज कर रहे इंसानी वजूद पर आने वाले समय में संकट के बादल छा सकते हैं। हाल में एक ऐसी वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पूरे विश्व का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। जिसमें यह दावा किया गया है कि इंसानों में हो रहे कुछ परिवर्तनों के चलते नरों की पैदावार कम होने लग गई है। जिसका भयानक स्वरूप यह है कि एक समय वह भी आयेगा जब पुरुषों का अस्तित्व लगभग खत्म हो जायेगा और केवल महिलाएं ही इस पृथ्वी पर रह जायेंगी।

साइंस जर्नल में प्रकाशित रिसर्च पेपर से खलबली

दरअसल, हाल में प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस जर्नल (Science Journal) में एक रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है। यदि इसमें सच्चाई है तो इतना तय है कि एक दिन ऐसा आयेगा, जब लिंग अनुपात में भारी असंतुलन होगा। नर बच्चे पैदा होने ही बंद हो जायेंगे। इस रिसर्च में यह दावा किया गया है कि अब Y Chromosome खत्म होने लगे हैं।

साइंस जर्नर और विज्ञान पत्रिका कनवरसेशन (Science Magazine Conversations) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार आने वाले कुछ सालों में पुरुषों के अनुपात में पूरे विश्व में महिलाओं की संख्या बढ़ने लगेगी। यह स्थिति बाद में इतनी भयानक होगी कि दुनिया से पुरूष खत्म हो जायेंगे और सिर्फ महिलाएं ही रहेंगी।

वैज्ञानिक इस रिचर्च को लेकर काफी सतर्क हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि यदि ऐसा कभी सच हो गया तो पुरुषों के बिना इंसानों की पीढियां कैसे तैयार होंगी।प्रजनन का काम नर और मादा के मिलन से होता है। हालांकि रिसर्च में यह कहा गया है कि सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्तनधारी जीवों में भी Y Chromosome खत्म होने लगे हैं। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस जर्नल में प्रकाशित रिसर्च पेपर एक लंबी स्टडी के बाद तैयार किया गया है। जिस कारण वैज्ञानिक इसे पूरी तरह नाकार भी नहीं पा रहे हैं।

तो इसलिए महिलाओं के अनुपात में कमी जीते हैं पुरुष

क्रोमोसोम को लेकर एक मिथक यह है कि यह सिर्फ संतान उत्पत्ति या लिंग निर्धारण करने के लिए होते हैं। जबकि नई वैज्ञानिक रिसर्च यह बताती है कि क्रोमोसोम पुरुषों की आये भी तय करती है। बता दें, कि महिलाओं में 02 X क्रोमोसोम होते हैं। वहीं, पुरुषों में एक X और एक Y क्रोमोसोम होते हैं।

तेजी से घटते हैं मानव कोशिका में मौजूद Y क्रोमोसोम

रिसर्च में पाया गया है कि अधिकतर पुरुष उम्र बढ़ने के साथ ही Y क्रोमोसोम खोना शुरू कर देते हैं। इन Y क्रोमोसोम के खत्म हेाने का बहुत बुरा असर पुरुषों पर पड़ता है। इस हेतु जांच कर्ताओं ने CRISPR जीन-एडिटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया था। लंबी रिसर्च में यह बात स्पष्ट हो गई कि जैसे-जैसे Y क्रोमोसोम कम होना शुरू हो जाते हैं तो पुरुषों में गंभीर बीमारियां आ जाती हैं। यही कारण है कि पूरी दुनिया में महिलाओं के अनुपात में पुरुषों की आयु कम रहती है।

डरिये नहीं, 1.10 करोड़ साल बाद खत्म होगा Y क्रोमोसोम

हालांकि रिसर्च पेपर में कहा गया है कि इस भयानक घटना को देखने के लिए मौजूदा दौरा का कोई भी इंसान जीवित नहीं होगा। जिसका कारण यह है वाई क्रोमोसोम को खत्म होने पर लगभग 1.10 करोड़ साल लग जायेंगे।

रिचर्स का सबसे पुख्ता आधार यह है कि 16.6 करोड़ सालों में Y Chromosome 900 जीन से कम होकर 55 जीन्स पर आने की पुष्टि हो चुकी है। गणित की भाषा में समझा जा सकता है कि इस हिसाब से हर 10 लाख साल बाद मनुष्य का Y क्रोमोसोम 5 जीन खोता जा रहा है। अतएव समझा जा सकता है कि भविष्य के 1.10 करोड़ साल में इंसानों का Y क्रोमोसोम अलविदा कह देगा।

यह तथ्य भी जान लीजिए

ज्ञात रहे कि जिस भ्रूण में XY chromosom नर में होता है। जिस भ्रूण में Y chromosom नहीं होता वहां XX क्रोमोसोम मादा शिशु के रूप में विकास करता है। वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार 166 मिलियन साल पहले यानी कि जब धरती पर पहला स्तनधारी विकसित हुआ था। उस समय में प्रोटो Y chromosomes की संख्या X chromosomes के बराबर थी।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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