हाथ-पैर धोते समय अनियंत्रित हुआ संतुलन
सीएनई रिपोर्ट । ऊधम सिंह नगर के नानकसागर डैम पर सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे में रोडवेज चालक की मौत हो गई। वह जब बस रोककर हाथ-पैर धोने के लिए डैम के किनारे उतरा, तो अचानक पांव फिसलन और वह गहरे पानी में डूब गया।


मिली जानकारी के अनुसार टनकपुर डिपो में तैनात संविदा चालक मनोहर सिंह (54 वर्ष) अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद बस खड़ी कर दूसरी बस से काशीपुर जा रहे थे। रास्ते में नानकसागर डैम के पास वह हाथ-पैर धोने के लिए रुके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किनारे पर काई या ढलान की वजह से अचानक उनका पैर फिसल गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाते, वह सीधे गहरे पानी में जा गिरे। किनारे पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन पानी की गहराई और अंधेरा होने के कारण वे उन्हें बचा पाने में असमर्थ रहे।
भारी मशक्कत के बाद निकाला गया शव
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी खोजबीन और कड़ी मशक्कत के बाद मनोहर सिंह के पार्थिव शरीर को डैम से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में डूबने के कारण उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी भर गया था, जो उनकी मृत्यु का मुख्य कारण बना। मंगलवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
काशीपुर में बच्चों से मिलने जा रहा था, हो गया हादसा
मृतक मनोहर सिंह भूडिया बग्गा चौवन के निवासी थे और पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उत्तराखंड रोडवेज में अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभाग में उन्हें एक अनुशासित और मिलनसार कर्मचारी के रूप में जाना जाता था। सोमवार को वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बेहद उत्साहित थे क्योंकि उन्हें काशीपुर जाकर अपने बच्चों से मिलना था। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही काल उन्हें इस तरह अपने घेरे में ले लेगा।
मनोहर सिंह अपने परिवार के मुख्य आधार थे। उनके पीछे पत्नी दीपा और उनके पांच बच्चे हैं। उनकी चार बेटियों का विवाह हो चुका है, जबकि उनका सबसे छोटा बेटा योगी अभी मात्र 9 वर्ष का है। घर के मुखिया की इस तरह अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।


