13 और 14 सितंबर को भवाली, भीमताल व कैंची धाम क्षेत्र में लागू रहेगा डायवर्जन प्लान
पर्यटकों के लिए शटल सेवा की व्यवस्था
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। नैनीताल जनपद में आगामी वीकेंड तथा गणेश चतुर्थी के मद्देनजर कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था 13 सितंबर 2026 को वीकेंड तथा 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रभावी रहेगी।
कैंची धाम में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने और भवाली-भीमताल मार्ग पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर भारी वाहनों तथा निजी वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं निर्धारित की हैं। साथ ही, बाहरी राज्यों एवं जनपदों से आने वाले पर्यटकों के वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराकर स्थानीय शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजने की व्यवस्था की गई है।
अल्मोड़ा-रानीखेत से आने वाले भारी वाहनों का मार्ग बदलेगा
यातायात के अतिरिक्त दबाव को कम करने के लिए अल्मोड़ा और रानीखेत की ओर से हल्द्वानी आने वाले भारी वाहनों को क्वारब और खैरना से डायवर्ट किया जाएगा। ऐसे वाहनों को रामगढ़ और मुक्तेश्वर होते हुए हल्द्वानी की ओर भेजा जाएगा। इससे कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में भारी वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा।
आवश्यक सेवा वाले भारी वाहनों को निर्धारित रूट से मिलेगी अनुमति
हल्द्वानी से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले आवश्यक सेवा से जुड़े भारी वाहन अपने निर्धारित मार्ग से आवागमन कर सकेंगे। वहीं, अन्य भारी वाहनों को यातायात के दबाव के अनुसार समय-समय पर मस्जिद तिराहा, भवाली से पीछे रोका जा सकता है।
इसके अलावा ऐसे भारी वाहन रामगढ़ एवं खुटानी मोटर मार्ग से भी अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।
भीमताल से कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के लिए पार्किंग और शटल सेवा
बाहरी जनपदों और राज्यों से अपने निजी वाहनों से भीमताल होते हुए कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के वाहनों को भीमताल विकास भवन पार्किंग में पार्क कराया जाएगा।
वाहन पार्क करने के बाद पर्यटकों को स्थानीय शटल सेवा के माध्यम से भवाली और कैंची धाम मंदिर तक दर्शन के लिए भेजा जाएगा। यातायात पुलिस की इस व्यवस्था का उद्देश्य कैंची धाम की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर निजी वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना है।
गेठिया-नैनीताल मार्ग से आने वालों के लिए भवाली में पार्किंग
इसी प्रकार बाहरी जनपदों एवं राज्यों से गेठिया और नैनीताल होते हुए कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों को भवाली सैनेटोरियम पार्किंग में पार्क कराया जाएगा।
यहां से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्थानीय शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम मंदिर तक पहुंचाया जाएगा। यातायात पुलिस ने पर्यटकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि मुख्य मार्गों पर अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
हल्द्वानी से पहाड़ जाने वाले चार पहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
यातायात पुलिस के अनुसार हल्द्वानी से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले चार पहिया वाहन रामगढ़ और खुटानी मोटर मार्ग से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले चार पहिया वाहन क्वारब-नथुवाखान-रामगढ़ मार्ग से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने से भवाली-कैंची धाम क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
कैंची धाम क्षेत्र में टैक्सी और दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध
वीकेंड और अवकाश के दौरान कैंची धाम क्षेत्र में टैक्सी तथा दोपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यातायात पुलिस ने लोगों से इस व्यवस्था का पालन करने की अपील की है, ताकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात संचालन में किसी तरह की बाधा न आए।
यात्रियों से यातायात प्लान का पालन करने की अपील
यातायात पुलिस ने समस्त पर्यटकों, श्रद्धालुओं, आमजन, वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की है कि 13 और 14 सितंबर को कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में यात्रा करते समय निर्धारित यातायात एवं डायवर्जन प्लान का अनिवार्य रूप से पालन करें।
पुलिस का कहना है कि वीकेंड और गणेश चतुर्थी के चलते इन क्षेत्रों में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक यातायात रहने की संभावना है। ऐसे में निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने, वैकल्पिक मार्गों को अपनाने और शटल सेवा का लाभ लेने से यात्रियों को अनावश्यक जाम एवं असुविधा से बचने में मदद मिलेगी।
यात्रियों से विशेष अनुरोध किया गया है कि यात्रा पर निकलने से पहले यातायात व्यवस्था की जानकारी रखें और पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग एवं डायवर्जन व्यवस्था के अनुरूप ही अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।




