आदित्य ऐरी, तनीषा और सौरव कलौनी ने हासिल की सफलता
सरकारी स्कूलों की उपलब्धियों से बढ़ा अभिभावकों का भरोसा
सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभावान बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा और निरंतर मार्गदर्शन किस तरह सफलता की राह खोल सकता है, इसका उदाहरण पिथौरागढ़ के दो विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पेश किया है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कनारीपाभैं के कक्षा छह के छात्र आदित्य ऐरी और तनीषा ने मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वहीं राजकीय जूनियर हाईस्कूल पापला के छात्र सौरव कलौनी ने भी इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति परीक्षा को उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।

तीनों विद्यार्थियों की सफलता से विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। बच्चों की उपलब्धि पर विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों का फूलमालाओं से अभिनंदन करने के साथ ही मिष्ठान वितरित कर उनकी सफलता की खुशी साझा की गई।
मेहनत, मार्गदर्शन और लगन का मिला परिणाम
कनारीपाभैं विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सुनीता देवी ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक जिस समर्पण और कठिन परिश्रम के साथ बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उसका सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले बच्चे भी उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि कनारीपाभैं क्षेत्र के सामान्य और गरीब परिवारों से आने वाले बच्चे लगातार अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं।
छह बच्चे मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति में सफल
विद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अब तक कनारीपाभैं विद्यालय से छह विद्यार्थी मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा विद्यालय के नौ विद्यार्थी राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप योजना (NMMSS) परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं।
लगातार मिल रही इन सफलताओं का असर अब ग्रामीणों की सोच पर भी दिखाई देने लगा है। विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए कई अभिभावकों ने निजी विद्यालयों से अपने बच्चों का नाम हटाकर सरकारी विद्यालय में दाखिला कराया है। इसे सरकारी विद्यालय के प्रति बढ़ते विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
अभिभावकों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की अपील
प्राथमिक विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष मोनिका देवी ने गांव के अन्य अभिभावकों से भी अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों में कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाएं और योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य गतिविधियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
कक्षा आठ तक मिलेंगे 25,200 रुपये
मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा में चयनित होने के बाद सफल विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा आठ तक कुल 25,200 रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। छात्रवृत्ति मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई में आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही उनके भीतर आगे बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह भी बढ़ेगा।
शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत को दिया श्रेय
सम्मान समारोह में विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरीश चंद्र जोशी, विज्ञान अध्यापक नरेश पुनेठा, सहायक अध्यापक बलवंत सिंह भंडारी, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गीता प्रसाद, सहायक अध्यापिका भावना मेहता, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष मोनिका देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ज्योति ऐरी सहित रिंकी देवी, ममता देवी, सुमन देवी, प्रियंका देवी आदि अभिभावक मौजूद रहे।
सभी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पापला के सौरव ने भी बढ़ाया विद्यालय का मान
इधर, राजकीय जूनियर हाईस्कूल पापला के छात्र सौरव कलौनी ने भी मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। सौरव की सफलता पर गडार-पापला के ग्रामीणों ने प्रसन्नता जताते हुए विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया।
ग्रामीणों ने सौरव की सफलता का श्रेय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निरंजना गुरुरानी और शिक्षक भूपेश पंत के मार्गदर्शन एवं मेहनत को दिया। उनका कहना था कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रोत्साहित करने और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का परिणाम सौरव की सफलता के रूप में सामने आया है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निरंजना गुरुरानी ने अभिभावकों से अपने पाल्यों को सरकारी विद्यालयों में भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में सरकार की ओर से विद्यार्थियों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यदि अभिभावक इन सुविधाओं का लाभ उठाते हुए बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें और विद्यालय के शिक्षकों के साथ मिलकर सहयोग करें तो सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ रहा भरोसा
कनारीपाभैं और पापला के विद्यार्थियों की सफलता ने यह संदेश दिया है कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद मेहनत, शिक्षक का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग मिले तो सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी छात्रवृत्ति एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी उपलब्धियां न केवल सफल विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि अन्य बच्चों और अभिभावकों को भी सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित करती हैं।




