सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
विकास के दावों के पोल खोलने वाले तमाम उदाहरणों में जिले के भैंसियाछाना विकासखंड अंतर्गत सेराघाट—पभ्या मोटरमार्ग का मामला भी शुमार है। इस प्रस्तावित मोटरमार्ग का दो दशक बाद भी पता नहीं है और क्षेत्र के वाशिंदों की सड़क के इंतजार में आंखें पथरा गई हैं। बार—बार अनुनय—विनय के बावजूद शासन—प्रशासन के कान में जूं नहीं रेंगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने इस मामले को अनदेखी व अनसुनी का बड़ा मामला बताया है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सालों से प्रस्तावित है, बकायदा 05 किलोमीटर स्वीकृत भी हुई है। मगर राज्य बनने के बाद दो दशक का वक्त गुजर गया और ग्राम सभा पव्या के ग्रामीण इसका इंतजार करते रह गए। इस सुख सुविधाओं के दौर में आज भी इस गांव के लोग 06 किलोमीटर पैदल दूरी नापकर सड़क तक पहुंच पाते हैं। समस्या तो सभी ग्रामीण झेल रहे हैं, मगर गर्भवती महिलाओं व गंभीर रोगियों को मुख्य सड़क तक लाना प्राण घातक साबित हो रहा है। श्री कर्नाटक ने कहा कि सरकार की बेसुधी से ऐसे लोगों को डोली में लाना पड़ रहा है। उन्होंने शासन—प्रशासन से सड़क का निर्माण अविलंब कराने की पुरजोर मांग की है।
Almora News: विकास के दावों को झुठला रहा सेराघाट—पव्या मोटरमार्ग, सालों से प्रस्तावित सड़क का राज्य गठन के दो दशक बाद पता नहीं, पूर्व दर्जा मंत्री कर्नाटक ने उठाया मामला
ADVERTISEMENTS
ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

