╰┈➤ बंकिम चंद्र को दी गई पुष्पांजलि, ऐतिहासिक रचना है ‘वंदे मातरम्’- कमल
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: नमामि भारतम् के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आज शुक्रवार को विवेकानन्द इण्टर कॉलेज रानीधारा अल्मोड़ा में भव्यता से सामूहिक वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसका शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। विभाग प्रचारक कमल ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, चेतना तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रचना है।
वंदे मातरम् ऐतिहासिक रचना: कमल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरएसएस अल्मोड़ा के विभाग प्रचारक कमल ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, चेतना तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रचना है। इससे पहले कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्कृताचार्य अर्जुन चन्द्र पाण्डे ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए परिचय कराया और गीत की ऐतिहासिकता एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के सांख्यकी विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज तिवारी ने कहा कि वंदे मातरम् गीत ने भारत की एकता व राष्ट्रवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए बेहद जरूरी है कि राष्ट्रहित में हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए।
एक समय, एक लय व एक स्वर गर्व का क्षण
अंत में अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य आलम सिंह उनियाल ने कहा वंदे मातरम् गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जन-जन में राष्ट्र प्रेम व बलिदान की भावना जगाई। ऐसे में 150 वर्ष पूर्ण होने पर एक समय, एक लय, एक स्वर में वंदे मातरम् गायन सभी के लिए गर्व के क्षण है। वहीं आचार्य भूपेश पंत ने मातृभूमि के प्रति सम्मान, कर्तव्य और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। वरिष्ठ आचार्यगण नीरज मिश्रा, भाष्करानन्द काण्डपाल एवं हिमानी पाण्डे ने कार्यक्रम हेतु नामांकन कार्य किया।
डेढ़ हजार से अधिक लोगों का सामूहिक गायन
कार्यक्रम में पूर्व संभाग निरीक्षक प्रकाश पंत, पूर्व प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, विद्यालय के प्रबंधक अरुण वर्मा, कोषाध्यक्ष पंकज शाह, परीक्षा नियंत्रक एसएस जीना, संरक्षक बद्री विशाल अग्रवाल, डॉ. कपिल नयाल, डॉ. रमेश चन्द्र उपाध्याय एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी तथा अनेक अभिभावकों सहित डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया।


