HomeUttarakhandBageshwarबागेश्वर: खूब गरमाया महिला की मौत का मामला, 24 घंटे बाद अंत्येष्टि

बागेश्वर: खूब गरमाया महिला की मौत का मामला, 24 घंटे बाद अंत्येष्टि

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✍️ एक करोड़ मुआवजा देने व एक सदस्य को नौकरी की मांग पर अड़ गए ग्रामीण
✍️ कपड़े धो रही महिला की सरयू में बहने से मौत का प्रकरण

सीएनई रिपोर्टर, कपकोट: बागेश्वर जिले के कपकोट पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत एक विवाहिता के सरयू में बहने से हुई मौत का मामला 24 घंटे तक गरमाए रहा। ग्रामीण एक करोड़ मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए, लेकिन उत्तर भारत कंपनी दो लाख रुपये मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने को तैयार थी। मगर ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। उत्तर भारत के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला की मौत के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया। शुक्रवार को जब पीड़ित के खाते में दस लाख की राशि खाते में पहुंची, तब शव उठाया गया। 24 घंटे बाद उसका अंतिम संस्कार हुआ।

मालूम हो कि तिमलाबगड़ निवासी 35 साल की विमला मर्तोलिया पत्नी आनंद मर्तोलिया गुरुवार की सुबह 11.30 बजे के करीब सरयू नदी में कपड़े धोने गई थी, उस समय सरयू नदी का जल स्तर काफी कम था, स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक सरयू का जल स्तर बढ़ गया है। इससे महिला सरयू नदी में बह गई। एक किमी देर चीराबगड़ में उसका शव मिला। महिला की मौत के लिए क्षेत्र के लोगों ने उत्तर भारत कंपनी को जिम्मेदार ठहराया। विरोध में नारेबाजी व प्रदर्शन किया। पुलिस ने किसी तरह शव का पोस्टमार्टम करवाया। शव परिजनों को सौंप दिया। बाद में परिजन शव को लेकर धरने में बैठ गए। रात 12 बजे तक धरना प्रदर्शन चला। शुक्रवार की सुबह से ही लोग उत्तर भारत कंपनी के एकत्रित होने लगे। उन्होंने कंपनी के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम अनुराग आर्य के साथ, सीओ अंकित कंडारी व पुलिस बल भी मौजूद रहा। तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद कंपनी ने दस लाख मुआवजे की राशि मृतक के पति के खाते में डाले। साथ ही इंश्योरेंश की राशि जांच के बाद देने को कहा। इसके बाद परिजन माने और शव का खीरगंगा व सरयू तट पर अंतिम संस्कार किया।
जांच के बाद मिलेगी इंश्योरेंस की राशि: जोशी

उत्तर भारत हाइड्रो पावर कपकोट के प्रबंधक कमलेश जोशी ने मामले पर कहा कि मृतका के परिजन 50 लाख मुआवजा राशि के लिए अड़े थे। जो कंपनी के लिए संभव नहीं था। कंपनी एक व्यक्ति को नौकरी तथा दो लाख मुआवजा राशि देने को तैयार थी। बाद में दस लाख रुपये की मुआवजा राशि मृतका के पति के खाते डाले गए। इसके बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने कहा कि इंश्योरेंस की राशि जांच के बाद दी जाएगी।

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