सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। कपकोट के पाकड़ गांव में घास काट रही 65 वर्षीय महिला पर अचानक ततैयों के झुंड ने हमला कर दिया। ततैयों के लगातार डंक मारने से महिला बुरी तरह घायल हो गई। परिजन तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट लेकर पहुंचे, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार पाकड़ निवासी कमला देवी पत्नी हयात सिंह मेहरा अपने आंगन में घास काट रही थीं। इसी दौरान अचानक ततैयों ने उन पर हमला बोल दिया। हमले से महिला में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बिना देर किए घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया।
सीएचसी में डॉ. पीयूष ने महिला का उपचार किया। उन्होंने बताया कि कमला देवी की हालत फिलहाल ठीक है। चिकित्सक ने कहा कि ततैया या अन्य जहरीले कीटों के डंक के मामलों में समय पर चिकित्सा उपचार बेहद जरूरी है। इन दिनों कीटों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में किसी भी तरह का घरेलू उपचार करने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
वहीं घायल महिला के बेटे सुंदर सिंह मेहरा ने बताया कि उनके परिवार की ओर से पहले ही वन विभाग को क्षेत्र में ततैयों के छत्ते की जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद छत्ता नहीं हटाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में मौजूद ततैयों के छत्तों को तत्काल हटाने की मांग की है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।


