सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल
पहाड़ के जंगलों में धधक रही आग का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को इसके लिए फटकार लगाई है।
मालूम हो कि इन दिनों पहाड़ के जंगलों में आग ने कोहराम मचाया है। सैंकड़ों हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ गए। वन महकमे के पास संसाधनों की कमी के चलते वनाग्नि पर नियंत्रण पाना चुनौती बनी है। अल्मोड़ा व नैनीताल जिलों के कई जंगल आग की चपेट में हैं और पूरा वातावरण में धुंध के आगोश में है। नैनीताल जिले में देवीधूरा, सातताल, भीमताल, दोगांव के जंगल कई दिनों से आग से धधक रहे हैं। जंगल में आग के कारण वन्य जीवों ने आबादी की ओर रुख कर लिया है। इस आग से पर्यावरण पर संकट पैदा हो गया है। मंगलवार को वनों में आग के मामले पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। इस संबंध जनहित याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी को कल सुबह सवा दस बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट ने पूछा कि कोर्ट द्वारा वर्ष 2016 में दिए गए आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हुआ। ज्ञात रहे कि वर्ष 2016 में कोर्ट ने दावानल पर नियंत्रण क लिए आधुनिक उपकरण क्रय करने और हर जरूरी कदम उठाने के आदेश पारित किए थे।
NAINITAL NEWS: जंगलों में धधकी आग पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, सरकार को फटकार लगाई, प्रमुख वन संरक्षक कोर्ट में तलब
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