अल्मोड़ा। यहां तहसील भनोली अंतर्गत राजस्व ग्राम कफलनी में विगत दो माह से मवेशीखोर गुलदार का आतंक मचा हुआ है। इस बीच गुलदार कई बकरियों और पालतू कुत्तों को अपना निवाला बना चुका है। कफलनी के सामाजिक कार्यकर्ता शिवदत्त ने प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा को सौंपे ज्ञापन में बताया कि उनके चौनलिया के जंगल में घास चरने गई बकरी पर सुबह 10 बजे के करीब गुलदार ने हमला कर मार डाला। काफी ढूंढ-खोज के बाद बकरी का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। उन्होंने विभाग से उन्हें इस पशु हानि पर मुआवजा देने की मांग की है। इधर जून माह में इसी जंगल में कफलनी के ही प्रयागदत्त और ग्राम डणाऊं के परमानंद की बकरी को भी यह गुलदार निवाला बना सकता है। काफी ढूंढ-खोज के बाद भी इनकी बकरियों के शव बरामद नही हुए। जिस कारण इन लोगों को कोई मुआवजा नही मिल पाया। उन्होंने बताया कि जून माह में गिरीश चंद्र के आंगन से सांयकाल गुलदार कुत्ते को उठा ले गया। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-प्रतिदिन गुलदार का आतंक और आवाजाही बढ़ती जा रही है। जिससे गांव में जबरदस्त आतंक मचा हुआ है। इसके अलावा इन कंटीली झाड़ियों वाले जंगल में कुरी, हिसालू, कुनेल, साजी की भयंकर झाड़ियों हो गई हैं। जिसमें गुलदार छुप कर घात लगाया करता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से यहां कंटीली झाड़ियों को साफ करने व मवेशीखोर गुलदारको पकड़ने की मांग भी की है।
अल्मोड़ा: कफलनी में मवेशीखोर गुलदार का आतंक, कई पालतू जानवरों को बना चुका निवाला
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Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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