सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
टैक्सी चालक पहले से कोरोना की मार झेल रहे हैं। ऊपर से उनका चालान भी काटा जा रहा है। जिससे आए दिन पुलिस ने उनकी तीखी नोकझोंक भी होने लगी है। उन्होंने सरकार से टैक्सी माफ करने और ड्राइवरों को आर्थिक मदद करने की मांग तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ सौतेला व्यवहार हुआ तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
गुरुवार को टैक्सी यूनियन ने सीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार दीपिका आर्य को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। प्रत्येक दिन चालान काटे जा रहे हैं और सवाल करने पर बता रही है कि टारगेट पूरा करना है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्ष से वह बेरोजगार हैं। उनकी गाड़ियां जहां-तहां खड़ी हैं। वर्तमान में कोरोना कर्फ्यू में ढील मिली है और कुछ सवारियों ढो रहे हैं। लेकिन पुलिस का डंडा उनकी जेब पर पड़ने लगा है। उन्होने कहा कि वह शिक्षित बेरोजगार हैं। बैंकों से ऋण लेकर वाहन खरीदे हैं और स्वत: रोजगार कर रहे हैं। सरकार भी यही चाहती है। नौकरियां नहीं हैं और राजस्व बढ़ाने को उनके चालान काटे जा रहे हैं। बैंक की किश्त, टैक्स आदि तक जमा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनका पुलिस ने उत्पीड़न किया तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण, बहादुर बिष्ट, महेश पंत, प्रकाश उपाध्याय, दीपू पाठक, राजा पांडे, अर्जुन सिंह, रमेश सिंह, किशन कठायत, चंदन सिंह, बलवंत प्रसाद आदि मौजूद थे।
Bageshwar News: एक ओर कोरोना की मार और दूसरी तरफ दनादन चालान से टैक्सी चालकों का चढ़ा पारा
ADVERTISEMENTS
ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

